Swiggy Success Story in Hindi – जानिए कैसे श्रीहर्ष मजेटी, नंदन रेड्डी और राहुल जैमिनी ने 2014 में Swiggy शुरू करके 4 साल में यूनिकॉर्न और 10 साल में 8000 करोड़ का बिजनेस बना दिया।
आज अगर कोई व्यक्ति ऑनलाइन खाना ऑर्डर करना चाहता है तो सबसे पहले उसके दिमाग में दो ही नाम आते हैं – Swiggy और Zomato।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि आज करोड़ों का कारोबार करने वाली Swiggy की शुरुआत सिर्फ तीन दोस्तों ने मिलकर की थी।आज यह कंपनी भारत के 650 से ज्यादा शहरों में काम कर रही है और लाखों लोगों को रोजगार दे रही है। सिर्फ 4 साल के अंदर Swiggy यूनिकॉर्न बन गई और आज कंपनी का रेवेन्यू 8000 करोड़ रुपए से ज्यादा हो चुका
2014 में दो दोस्त नंदन रेडी और श्री हर्ष मज़ेटी ने अपनी अपना कोई बिजनेस करना चाहते थे। दोनों ने कुरियर और शिपिंग सर्विस के लिए बंडल नाम के एक स्टार्टअप शुरू किया था। जिसका काम कुरियर और शिपिंग मार्केट को ऑर्गनाइज करना था। यह कंपनी ज्यादा समय तक नहीं चल पाई और एक साल बाद इसे बंद करना पड़ा। लेकिन 7 हो ए हर नहीं मानी और नए आइडिया के बारे में सोचने लगे । बाद में उन्होंने स्टार्टअप के बारे में सोचा ।
मज़ेटी ने लगभग 3 साल लंदन में एक नौकरी भी की। लेकिन उनके दिमाग में खुद का बिजनेस करने का प्लान उस वक्त भी चल रहा था । ऐसे में मज़ेटी ने अपनी जॉब छोड़ी और देश लौट आए ।
Swiggy success story in hindi : Swiggy की शुरुआत 2014 में बेगलुरु के कोरा मंगला इलाके से हुई थी । बंडल के फ्लॉप होने के बाद भी नंदन और मज़ेटी ने हार नहीं मानी कुछ नया करने का प्लान बनाया । दोनों कुछ नया करने की तलाश में ही थे कि उनकी मुलाकात आईआईटी ग्रैजुएट राहुल जैमिनी से हुई । राहुल ई-कॉमर्स साइट मंत्रा ने काम कर रहे थे । उन्हें नंदन और मजेटी ने अपने स्टार्टअप प्लान के बारे में बताया। राहुल उनके साथ जुड़ गए तीनों फ्रेश आइडिया की तलाश करने लगे थे।
काफी रिसर्च के बाद उन्होंने देखा कि भारत में फूड डिलीवरी सर्विस बहुत ही एन ऑर्गेनाइज्ड है । उन्हें इस फील्ड में कुछ बेहतर करने का विकल्प दिखा। इस तरह नंदन और मजेटी ने राहुल के साथ मिलकर Swiggy लॉन्च की ।
Swiggy को बंडल टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के तहत शुरू किया गया था जिसे 2023 में बदलकर स्विग्गी प्राइवेट लिमिटेड कर दिया गया क्योंकि कंपनी चाहती थी कि उसका नाम बिजनेस से जुड़ा हुआ लगे ।
Swiggy की शुरुआत बेंगलुरु के कोरामंगला से हुई थी। फाउंडर्स ने कुछ डिलीवरी पार्टनर ओर लगभग 25 रेस्टोरेंट से जुड़कर कंपनी शुरू की । उन्होंने ऐसे रेस्टोरेंट को टारगेट किया जो कस्टम को क्वालिटी फूड तो दे रहे थे पर उनके पास होम डिलीवरी की सुविधा नहीं थी। Swiggy ने इन रेस्टोरेंट को अपने साथ जोड़कर डिलीवरी करना शुरू किया।
उस वक्त Swiggy की ऐप मौजूद नहीं थी । इसलिए लोग उनकी वेबसाइट पर जाकर अपने मनपसंद रेस्टोरेंट को चुनकर फूड ऑर्डर करते थे । Swiggy की सर्विस लोगों को काफी अच्छी लगने लगी थी । और इससे कंपनी को पहचान मिलनी शुरू हो गई थी।
Swiggy ने 2015 की शुरुआत महीनों में खुद का ऐप लॉन्च किया । एप की मदद से फूड ऑर्डर करना कस्टमर के लिए आसान हो गया। इस बीच कंपनी ने अपनी पकड़ को मजबूत करने के लिए कस्टमर को काफी ऑफर दिए । जिससे स्विग्गी का नाम आम लोगों की जुबान पर चढ़ गया।
लोग एक दूसरे को Swiggy से खाना ऑर्डर करने की सलाह देने लगे । उस समय फूड डिलीवरी एप Swiggy ने इन लोगों के विश्वास को कायम रखा और हर वह कोशिश की जिससे कस्टमर को बेस्ट सर्विस दी जा सके ।
3 साल में 20000 रेस्टोरेंट को जोड़ा 2016 में Swiggy ने लागत कम करने ओर लॉजिस्टिक नेटवर्क को मजबूत करने का फैसला किया। कस्टमर की जरूरत को समझने ओर कंपनी को बेहतर ढंग से ऑपरेट करने के लिए इंजीनियर ,ऑटोमेशन ,डाटा साइंस, मशीन लर्निंग पर्सनलाइजेशन में इन्वेस्ट किया। दिसंबर 2017 तक Swiggy के साथ 20000 से ज्यादा रेस्टोरेंट जुड़ चुके थे। और कंपनी हर महीने 40 लाख का कारोबार कर रही थी ।
Swiggy लॉन्च के 2 साल के अंदर ही 2016 में भारत का टॉप फूड स्टार्टअप बन गया। फोर्स एशिया ने कंपनी को एक बिलियन से कम वाली सर्व श्रेष्ठ कंपनियों में जगह दी। 2017 में कंपनी को ग्लोबल वेंचर कैपिटल एंड प्राइवेट इक्विटी फर्म डीएसटी ग्लोबल से 600 करोड़ की फंडिंग मिली। 2018 में कंपनी सिंगापुर में भी Swiggy को लॉन्च करना चाहती थी । लेकिन वहां की सरकार ने इसकी परमिशन नहीं दी ।
Swiggy भारत की सबसे तेज यूनिकॉर्न बनने वाली कंपनी है । यूनिकॉर्न तक का सफर तय करने में कंपनी को 4 साल से कम समय लगा। 2014 में शुरू हुई कंपनी 2018 तक 10000 करोड़ की वैल्यूएशन वाली कंपनी बन गई। आज भारत में कुल 67 यूनिकॉर्न है जिसमें Swiggy और dream11 टॉप इंडियन यूनिकॉर्न कंपनी में शामिल है। जिसमें से dream 11 को 2025 में बंद कर दिया गया ।
भारतीय फूड डिलीवरी मार्केट में Swiggy का आज 40% मार्केट शेयर है । 2019 में कंपनी ने हर दिन औसतन 14 लाख ऑर्डर डिलीवर किए थे । आज Swiggy पूरे भारत में करीब 580 शहरों में ऑपरेट करती है । वहीं करीब 2 लाख रेस्टोरेंट उसके साथ जुड़े हैं। 2025 में कंपनी का रेवेन्यू 8000 करोड़ से ज्यादा रहा था ।
Swiggy ने 2020 में कोविड के दौरान 1000 से ज्यादा एंप्लॉई को नौकरी से निकाला था । मीडिया रिपोर्टिंग के मुताबिक कंपनी ने जनवरी 2024 में भी लगभग 400 एम्पलाई को निकाला था । 2023 में Swiggy को प्रॉफिट हो रहा था । इसके बाद भी अपने खर्च को कम करने के लिए कंपनी ने ये फैसला लिया ।
Swiggy से जुड़े विवाद
Swiggy success story in hindi : कंपनी का विवादों से भी गहरा नाता रहा है। कई बार कंपनी अपनी मार्केटिंग की वजह से विवाद में रही है । 2023 में होली में कंपनी की अंडे के विज्ञापन वाले बिल बोर्ड की काफी आलोचना हुई थी। विज्ञापन में बिल बोर्ड पर रंगों के साथ अंडों की फोटो थी। और तीन लाइन लिखी थी जिस पर आमलेट और सनी साइड एप के आगे सही टिक लगा था। किसी के सिर पर के आगे गलत का टिक लगा था । नीचे लिखा था बुरा मत खेलो । जिसके साथ स्विग्गी को बॉय कट करने की भी मांग उठने लगी थी ।
Swiggy को वर्ल्ड कप फाइनल में हर मिनट 188 पिज्जा का ऑर्डर आया। 2024 में नए साल के जश्न के लिए 4 लाख 30000 बिरयानी और 83000 नूडल्स आर्डर किए गए थे। इसी साल वैलेंटाइन डे के दिन हर मिनट 271 केक का ऑर्डर आया था । 19 नवंबर को वर्ल्ड कप फाइनल मैच के दौरान हर मिनट 188 पिज़्ज़ा का ऑर्डर आया था।Meesho : मजाक से मुनाफे तक
2024 में भारतीयों ने हर सेकंड में 2.5 बिरयानी का आर्डर किया था। दुर्गा पूजा के दौरान Swiggy पर 77 लाख रसगुल्ला का आर्डर किया गया था। मुंबई के एक यूजर ने 1 साल में 42 लाख का आर्डर प्लेस किया था ।
2014 में श्री हर्ष मजेटी ,नंदन रेड्डी ओर राहुल जैमिनी ने बेंगलुरु में Swiggy की नींव रखी ।
2015 में 8 टियर 1 शहरों में एक साथ बिजनेस का विस्तार किया। 2017 में Swiggy ने द बाउल नाम से अपनी क्लाउड किचन चेंज शुरू की ।
2019 में कंपनी भारत के 500 शहर में फूड डिलीवरी सर्विस देने लगी। 2020 में Swiggy ने स्विग्गी इन्स्टामार्ट , स्विग्गी जीनी और हेल्थ हब लॉन्च किया।
2022 में डाइनिंग और टेबल रिजर्वेशन प्लेटफार्म डायन आउट खरीद लिया ।
2023में बाइक टैक्सी कंपनी रैपीडो के लिए 15000 करोड़ का फंड जुटाया।
2024 में स्विग्गी को पब्लिक लिमिटेड कंपनी में बदल दिया गया । Swiggy ने 150,000 से ज्यादा रेस्टोरेंट के साथ देश भर में टाइप अप किया है। 5000 से ज्यादा एम्पलाइज Swiggy के साथ में काम करते हैं । 2लाख 60 हजार से ज्यादा डिलीवरी एग्जीक्यूटिव कंपनी के साथ जुड़े हैं । आज Swiggy 685 से ज्यादा भारतीय शहरों में मौजूद है । आज भारत में 40% शेयर इंडियन फूड डिलीवरी सेक्टर में swiggy का है ।
– Commission – Swiggy हर ऑर्डर पर रेस्टोरेंट से Commission लेती है।
– Delivery Charges – ग्राहकों से Delivery Fee ली जाती है।
– Advertising – रेस्टोरेंट Swiggy पर Promoted Listing के लिए भुगतान करते हैं।
फरवरी 2019 में 1297 करोड़
फरवरी 2020 में 3468 करोड़
फरवरी 2021 में 2547 करोड़
फरवरी 2022 में 5705 करोड़
फरवरी 2023 में 8265 करोड़
2025 में कंपनी का रेवेन्यू 8000 करोड़ से ऊपर रहा है ।
कंपनी ने फरवरी 2026 में अपने 10-मिनट डिलीवरी बिजनेस (स्नैक्स ऐप) को बंद करने का फैसला किया है, क्योंकि यह मॉडल आर्थिक रूप से सफल नहीं हो पा रहा था।
Swiggy success story in hindi यह साबित करती है कि अगर आपके पास सही आइडिया, मेहनत और धैर्य है तो आप कुछ भी हासिल कर सकते है।https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%97%E0%A5%80
तीन दोस्तों द्वारा शुरू किया गया यह छोटा सा स्टार्टअप आज भारत की सबसे बड़ी फूड डिलीवरी कंपनियों में से एक बन चुका है । यह कहानी हर उस व्यक्ति को प्रेरित करती है जो अपना स्टार्टअप शुरू करना चाहता है। थैंक्स
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