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टोयोटा की सफलता की कहानी | दुनिया की सबसे भरोसेमंद कार कंपनी कैसे बनी Toyota

टोयोटा की सफलता की कहानी | कैसे दुनिया की सबसे भरोसेमंद कार कंपनी  बनी “Toyota?

टोयोटा की सफलता की कहानी : 1937 में जापान में शुरू हुई टोयोटा आज दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनी है। जानिए कैसे भूकंप से प्रेरित होकर शुरू हुई यह कंपनी आज भारत के नेताओं की पहली पसंद बन गई।”

क्या आप जानते हैं कि भारत के ज़्यादातर नेता जिस कार में घूमते हैं ,वो सिर्फ़ एक कार नहीं, बल्कि रुतबे और भरोसे का नाम है , टोयोटा फॉर्च्यूनर।

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर इस जापानी कंपनी ने कैसे पूरी दुनिया की सड़कों पर अपना झंडा गाड़ दिया?

आज सफलता की कहानी में हम बात करेंगे —टोयोटा की सफलता की कहानी की। कैसे भूकंप की घटना की प्रेरित होकर शुरू हुई यह कंपनी  भारतीय नेताओं कि पहली पसंद  बन गई ….

टोयोटा  की शुरुआत –

टोयोटा फाउंडर: किचिरो टोयोडा (Kiichiro Toyoda

टोयोटा की  सफलता की कहानी : टोयोटा की स्थापना 28 अगस्त 1937 को जापान में हुई थी। इसकी नींव किचिरो टोयोडा (Kiichiro Toyoda) ने रखी थी । आज जिसका मार्केट कैप 48 लाख करोड रुपए से ऊपर हैं।  इसमें 3.66 लाख कर्मचारी काम करते हैं । भारत में टोयोटा की फॉरच्यूनर  भारतीय नेताओं की पहली पसंद  के साथ यह  रुतबा और दबंग का स्टेटस सिंबल है ।

टोयोटा वैसे तो जापानी कंपनी है।  लेकिन भारत में इसके कई मॉडल काफी फेमस है । टोयोटा के नाम एक रिकॉर्ड भी है कि  यह दुनिया में सबसे ज्यादा कार  बनाने वाली कंपनी है।

2016 में इस कंपनी लगभग 1 करोड़ 2 लाख गाड़िया बनाई ।  इसके बाद टोयोटा  फॉक्सवैगन को पीछे छोड़कर प्रोडक्शन के मामले में न.1 बन गई । टोयोटा की कोरोला सबसे सुरक्षित कारों में से एक है । यह कार गिनीज बुक में शामिल है।  2005 तक इस कार की 3 करोड़ यूनिट बिक चुकी थी।  यह अपने आप में एक बड़ा कीर्तिमान है ।

टोयोटा की सफलता की कहानी  प्रदीप ठाकुर की एक किताब  है जो इस कंपनी के बारे में बहुत कुछ बताती है।  किताब के अनुसार भूकंप की घटना के बाद टोयोटा को खड़ा करने का पहला विचार आया।  1923 में जापान में आए भूकंप ने काफी तबाई मचाई थी । उस दौर में लोगों की जान बचाने के लिए कारों का इस्तेमाल किया जा रहा था।

इसी  घटना के बाद जापान की कार इंडस्ट्रीज में रफ्तार पकड़ी । टोयोटा के फाउंडर किइचिरो ने इसी से प्रेरित होकर 1932 में एक कर का प्रोटो टाइप मॉडल AA 1932 बनाया।  इसी के बाद 1936 में उन्होंने टोयोटा के नींव रखी।

क्वालिटी पर फोकस-  कंपनी का असली मंत्र

आज टोयोटा अपने प्रोडक्शन, रिलयबिलिटी और सेफ्टी के लिए दुनिया भर में मशहूर है। कंपनी के भरोसे का असल सफर 1951 से शुरू हुआ।  इसी साल टोयोटा ने पहली बार लैंड क्रूजर मॉडल पेश किया यह ओर  दुनिया भर में पॉपुलर हुआ।

टोयोटा का Hulix मॉडल

इसके बाद कंपनी ने हर महीने सिर्फ 500 कारों का प्रोडक्शन करने का फैसला किया । कंपनी कारों की मैन्युफैक्चरिंग से ज्यादा  क्वालिटी पर फोकस करना चाहती थी।  इसका यह नतीजा हुआ कि धीरे-धीरे टोयोटा एक बड़े ब्रांड के तौर पर उभरी ओर  साल दर साल उसका  प्रोडक्शन भी बड़ा ।

दूसरे वर्ल्ड वॉर के दौरान दिवालिया होने वाली थी टोयोटा

वर्ल्ड वॉर 2 के दौरान टोयोटा की हालत खराब हुई । कार प्रोडक्शन इस  हद इस हद तक प्रभावित हुआ की कंपनी को दिवालिया  होने की अर्जी तक देनी पड़ी । हालांकि हालात का सामना करने के लिए किइचिरो ने  एक उपाय ढूंढा । खर्च को घटाने  के लिए टोयोटा को छटनी करनी पड़ी।

इससे कर्मचारियों में गुस्सा बड़ा और उन्होंने हड़ताल शुरू कर दी।  इसके बाद कंपनी के मैनेजमेंट में बदलाव किया गया।  इस बीच अमेरिका समेत कई  देश में मिलिट्री ट्रक की मांग बढ़ने लगी । कंपनी से मौके को बिना गंवाए  कहीं शहरों में आउटलेट खोले और प्रोडक्शन को बढ़ावा दिया।

1963 में पहली बार 10 लाख कारों का एक्सपोर्ट किया।

गाड़ियों में नयापन लाने के लिए टोयोटा ने रिसर्च एंड डेवलपमेंट यूनिट लगाई । यह कदम फायदेमंद साबित हुआ और कंपनी की आमदनी बढ़ने लगी ।1963 में कंपनी ने विस्तार करना शुरू किया । पहली बार 10 लाख का  कारों को एक्सपोर्ट किया। 1991 तक कंपनी अमेरिकी बाजार में एक लाख से अधिक कार ट्रक बेच चुकी थी । इसके बाद कंपनी  ने लैटिन अमेरिका और दक्षिणी पूर्व एशियाई  कंपनियों की ओर भी रुख किया ।

दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनी बनी” टोयोटा”

धीरे-धीरे कंपनी बड़ी और किफायती कार बनाने में सफल होने के बाद लग्जरी कर भी बनाना शुरू किया । इसी के तहत टोयोटा के लग्जरी कार  ब्रांड लेक्सस  की शुरुआत हुई।  साल 2000 में टोयोटा  ने कई कंपनियों के साथ मिलकर कारोबार को बढ़ाना शुरू किया । इसके बाद टोयोटा ने कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा । मौजूदा समय में मार्केट कैप के मामले में टेस्ला के बाद टोयोटा  ही दुनिया की  दूसरी सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनी है ।

टोयोटा की रोचक बात :

टोयोटा का इंजन इतना मजबूत होता है कि पानी में डूबने से भी नहीं होता खराब । रिपोर्ट के माने तो पिछले 20 साल में टोयोटा ने जितनी  कारे बेची। उसमें से  करीब 80% कारे आज भी रोड पर दौड़ रही है।  टोयोटा की इंजन और बॉडी की मजबूती को टेस्ट करने के लिए बीबीसी की टॉप गियर टीम ने इसकी एक कर को कई तरह के टेस्ट किया। उन्होंने टोयोटो के मॉडल Hilux को पेड़ से टकराया ,पानी में डुबाया ,बिल्डिंग से गिराया और  आग भी लगाकर देखी।  यह सब होने के बाद भी इसका इंजन काम करता रहा । इसलिए टोयोटा की कारों को “Unbreakable” कहा जाता है।

भारत में टोयोटा का जलवा

टोयोटा फॉर्चूनर – भारतीय नेताओं की पहली पसंद

 

टोयोटा की फॉर्चूनर भारत में नेताओं को पहली पसंद है भारत में यह कार एक SYmbol status की तरह है ।भारत में टोयोटा की करो को लाने क्रेडिट विक्रम इस किर्लोस्कर को जाता है । ये कर ब्रांड भारत में मशहूर तब हुआ जब लाल कृष्ण आडवाणी ने सितंबर 1990 में इसी टोयोटा के बनाए ऐसी रथ से अपनी रथ यात्रा की शुरुआत की । मौजूदा समय में टोयोटा का इंडिया के कार मार्केट के करीब 4% हिस्सेदारी है।

भविष्य की ओर – Flex Fuel और Electric कारें

टोयोटा इलेक्ट्रिक कार  वाले सेगमेंट में टेस्ला को पछाड़ने के लिए फ्लेक्स फ्यूल कॉन्सेप्ट लाई । जनवरी 2023 में नितिन गडकरी ने भारत में इस फ्लेक्स फ्यूल पर बेस्ट हाइब्रिड इलेक्ट्रिकल व्हीकल का पायलट लॉन्च प्रोडक्ट लॉन्च किया। भारत में टोयोटा का यह फ्लेक्स फ्यूल बेस्ट कार बनाने का पहला पायलट प्रोजेक्ट है।https://en.wikipedia.org/wiki/Toyota

फ्लेक्स फ्यूल व्हीकल दरअसल अल्टरनेटिव फ्यूल व्हीकल है । जिसे एक से ज्यादा फ्यूल पर चलने के लिए डिजाइन किया जाता है । इसमें आमतौर पर एथेनॉल या मेथेनॉल फ्यूल के साथ मिक्स गैसोलीन को एक ही टैंक में डाला जाता है।  एथेनॉल और मेथेनॉल जैसे फ्यूल पर चलने वाले इन इलेक्ट्रिक इलेक्ट्रिक व्हीकल से पॉल्यूशन जैसी समस्या पर कंट्रोल किया जा सकता है ।Britannia Success Story in Hindi: 25 रुपये से शुरू होकर 1.4 लाख करोड़ की कंपनी बनने तक का सफर

टोयोटा की सफलता की कहानी हमे सिखाती है कि “सफलता वही है जो मुश्किल हालात में भी हार न माने,  टोयोटा ने दुनिया को यही सिखाया — भरोसा और मेहनत ही असली इंजन है सफलता का।

ऐसी ही कहानी के लिए सफलता की कहानी के साथ जुड़े रहे ।

safltakikhani@gmail.com

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