Telegram success story : रूस के दो भाइयों पावेल दुरोव और निकोलाई दुरोव ने अपने देश को छोड़कर Telegram बनाया और आज यह 100 करोड़ से ज्यादा यूजर्स वाला दुनिया का सबसे सुरक्षित मैसेजिंग ऐप बन गया।
2013 में लॉन्च हुए Telegram के दुनियाभर में 100 करोड़ से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है । भारत ,इंडोनेशिया रूस में सबसे ज्यादा टेलीग्राम इंस्टॉल हुए है ।
2022 में रूस में जंग छिड़ने के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदीमीर जेलेस्की ने देश को संबोधित करने के लिए टेलीग्राम पर भरोसा किया था। हालांकि एक समय ऐसा था जब ISIS जैसे आतंकवादी संगठन भी प्रचार के लिए Telegram का इस्तेमाल करते थे।
Telegram success story: रूस के रहने वाले दो भाई पावेल दुरोव ओर निकोलाई दुरोव ने 2013 में टेलीग्राम शुरू किया था । पहले इसे iOS और फिर एंड्रॉयड के लिए लॉन्च किया । इसे लॉन्च करने के पीछे उनका मुख्य उद्देश्य था । दुनिया को एक सुरक्षित और भरोसेमंद मैसेजिंग एप देना। जिनके लिए उनको अपना देश तक छोड़ना पड़ा था।
2006 में जब सेंट पिट्सबर्ग स्टेट यूनिवर्सिटी से निकले पावेल दुरोव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म डिजाइन किया था। जिसका नाम VKontakte रखा गया। इसे VK के नाम से जाना जाता है । रूसी भाषा में इसका मतलब है इन टच। मूल रूप से इसे यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट के लिए बनाया गया। ये प्लेटफॉर्म आम जनता के बीच पॉपुलर हो गया। जिसके बाद पावेल के बड़े भाई निकोलाई दुरोव मुख्य तकनीकी अधिकारी ( chief technical officer) के रूप में कंपनी से जुड़ गए ।
दिसंबर 2011 में रूस में संसदीय चुनाव के रिजल्ट घोषित हुए । सुरक्षा एजेंसी का मानना था कि प्रोटेस्टर्स कोऑर्डिनेट करने के लिए VK साइट का इस्तेमाल कर रहे हैं। वहां की मौजूदा सरकार और सुरक्षा एजेंसी ने कंपनी को अपोजिशन के नेताओं के पेज हटाने को कहा लेकिन पावेल ने ऐसा करने से मना कर दिया । उन्होंने एक कुत्ते की तस्वीर ट्वीट करते हुए जवाब दिया था।
इसी बीच VK को MAIL .RU कंपनी पूरी तरह खरीदना चाहती थी। 2013 में एक वीडियो वायरल हुआ । जिसमें दावा किया कि पावेल अपनी मर्सिडीज से एक पुलिस अधिकारी के पैर को कुचलकर घटनास्थल से भाग गए । हालांकि पावेल ने खा था कि गाड़ी वह नहीं चला रहे थे ।
कुछ ही समय बाद पुलिस ने पावेल के घर और VK के ऑफिस पर छापा मारा। कुछ दिनों बाद यूनाइटेड कैपिटल पार्टनर्स ने VK की 48 परसेंट इक्विटी खरीद ली । जनवरी 2014 में पावेल ने अपना बचा हुआ 12% शेयर mail .ru ko बेच दिया । पर पावेल ने सीईओ के पद से इस्तीफा के बाद रूस छोड़ दिया।
रूस छोड़ने के बाद उन्होंने शुगर इंडस्ट्री डायवर्सिफिकेशन फाउंडेशन को 250,000 डॉलर का दान देकर सेंट किट्स और नेविस की नागरिकता ली । इसी के साथ स्विस बैंकों में 300 मिलियन डॉलर जमा किए ।
VK कंपनी में चल रहे विवाद के दौरान पावेल ने टेलीग्राम का आइडिया तैयार कर लिया था । Telegram की शुरुआत एक इंक्रिप्टेड मैसेजिंग सिस्टम के रूप में हुई थी। इसकी स्थापना इसलिए की गई थी ताकि रूसी लोग सुरक्षा एजेंसी की जासूसी के बिना भी आपस में बात कर सके।
Telegram 14 अगस्त 2013 को iOS और 20 अक्टूबर 2013 को एंड्रॉयड के लिए लांच किया गया था। इसके सारे फंड और इंफ्रास्ट्रक्चर पावेल ने दिया था। पिछली कंपनी के शेयर बेचने पर जो पैसे मिले थे ,सब कुछ टेलीग्राम पर लगा दिए । उनके भाई निकोलाई ने कोडिंग पर ध्यान दिया था ।
अक्टूबर 2013 तक एप पर 1 लाख डेली एक्टिव यूजर हो गए । मार्च 2014 तक टेलीग्राम पर 3.5 करोड मंथली और 1.5 करोड़ डेली एक्टिव यूजर हो गए । 2016 तक ऐप पर हर दिन 1500 करोड़ मैसेज का फ्लो होने लगा था ।
कई मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रूस से निकलने के बाद शुरुआती कुछ साल में पावेल ने अपने 15 एंप्लॉई के साथ कई देश में सफर किया था । जिसके बाद 2017 में दुबई में अपना हेड क्वार्टर स्थापित किया। लिंकडइन पर टेलीग्राम के ऑफिशियल पेज के मुताबिक कंपनी में आज भी 50 से कम कर्मचारी काम करते है ।
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 2015 में पेरिस हमलों के लिए ISIS के सदस्यों में प्रचार के लिए टेलीग्राम का इस्तेमाल किया था। इस पर पूछे गए सवाल के जवाब में पावेल ने कहा था कि मुझे लगता है की गोपनीयता के अधिकार आतंकवादी जैसी घटनाओं के लिए प्रति हमारे भय से अधिक महत्वपूर्ण है । अक्टूबर 2015 तक ISIS के चैनल पर 9000 तक फॉलोअर्स हो गए थे । नंबर 2015 में टेलीग्राम ने ISIS के प्रचार प्रसार का इस्तेमाल किए जाने वाले 78 सार्वजनिक चैनलों को ब्लॉक कर दिया ।
वाट्सअप विवाद से टेलीग्राम को फायदा
जनवरी 2021 में व्हाट्सएप ने प्राइवेसी पॉलिसी में बदलाव करते हुए यूजर्स से डाटा को अपनी पेरेंट्स कंपनी फेसबुक के साथ शेयर करने की परमिशन मांगी । उसके बाद प्राइवेसी को लेकर बहस छिड़ गई। जिसका फायदा टेलीग्राम को मिला ।
अगस्त 2021 तक टेलीग्राम के दुनिया भर में 100 करोड़ डाउनलोड हो गए । जून 2022 में टेलीग्राम 70 करोड़ मंथली यूजर के आंकड़ों को पार किया । जुलाई 2023 से टेलीग्राम रूस में सबसे पॉपुलर मैसेजिंग एप है। दिसंबर 2023 तक रूस में टेलीग्राम का 46% मार्केट शेयर था ।
कंपनी की लॉन्चिंग के लगभग 7 साल बाद यानी 2020 तक कंपनी कुछ भी प्रॉफिट नहीं बना रही थी। इसके बाद कंपनी ने अपनी सर्विस में कमी नहीं आने दी। कंपनी ने 2022 में प्रीमियम सब्सक्रिप्शन सर्विस लॉन्च की । एक महीने के अंदर एक लाख से ज्यादा लोगों ने प्रीमियम सब्सक्रिप्शन ले लिया । इसके बाद से कंपनी के रेवेन्यू में तेजी आई ।
पावेल ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि 2023 में टेलीग्राम प्रॉफिटेबल हो जाएगी। उन्होंने बताया कि कुछ कंपनी में टेलीग्राम को खरीदने के लिए 25 करोड रुपए तक वैल्यूएशन लगाया था । लेकिन उन्होंने अपनी कंपनी बेचने से मना कर दिया । आज टेलीग्राम की मौजूदा मार्केट वाली 2.5 लाख ($30 अरब ) करोड रुपए है । Red Bull success story hindi : दवाई बेचने वाले ने बनाई दुनिया की सबसे बड़ी एनर्जी ड्रिंक कंपनी
साल 2020 में टेलीग्राम एक्टिव यूजर 40 करोड़ थे । जनवरी 2021 में 50 करोड़ हो गए । जून 2022 में 70 करोड़ । 2023 में 80 करोड़ जनवरी 2024 में 90 करोड़ ओर 2026 तक Telegram ने 100 करोड़ के आंकड़े को पार कर लिया । https://enwikipediaorg.translate.goog/wiki/Telegram_
आज टेलीग्राम पर 100 करोड़ मंथली एक्टिव यूजर है । 2022 तक टेलीग्राम पर लगभग 2 करोड़ डेली एक्टिव यूजर थे । भारत में 10 करोड़ से ज्यादा टेलीग्राम यूजर है। टेलीग्राम 175 से ज्यादा देशों में मौजूद है। मई 2025 तक टेलीग्राम पर 1.5 करोड़ यूजर टेलीग्राम प्रीमियम का इस्तेमाल कर रहे है । जो 2024 को शुरुआत में केवल 50 लाख थे । भारत में टेलीग्राम ने अपनी प्रीमियम सेवा की पहुंच बढ़ाने के लिए इसकी कीमत ₹469 से घटाकर ₹179 प्रति माह कर दी थी।
2013 में पावेल दुरोव और निकोलाई दुरोव नाम के दो भाइयों ने टेलीग्राम की शुरुआत की थी ।
2014 में दोनों भाइयों ने रूस छोड़कर सेंट किट्स और नेविस की नागरिकता हासिल की।
2015 में 6 करोड़ एक्टिव यूजर्स का आंकड़ा पार किया । कंपनी ने ISIS से संबंधित 78 चैनल को ब्लॉक किया ।
2017 में कंपनी ने दुबई में अपना स्थाई हेड क्वार्टर बनाया।
2019 में सुपर ग्रुप के मेंबर की संख्या को 10000 से बढ़कर 2 लाख कर दिया।
2021 में दिसंबर 2020 से जनवरी 2022 तक 10 करोड़ से ज्यादा नए यूजर जुड़े।
2022 में कंपनी के रेवेन्यू को ध्यान में रखते हुए टेलीग्राम प्रीमियम लॉन्च किया गया।
2023 में कंपनी ने टेलीग्राम प्रीमियम के जरिए 37 करोड रुपए जुटाए।
2025 में टेलीग्राम ने 100 करोड़ मंथली यूजर के आंकड़ों को पार किया।
वही फोर्ब्स की रिपोर्ट के अनुसार ( 2026) , पावेल दुरोव की कुल संपत्ति 6.6 अरब डॉलर है।
Telagarm से जुड़े रोचक तथ्य
आज Telegram 175 से ज्यादा देशों में उपलब्ध है।
भारत में 10 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं
Telegram Premium के 1.5 करोड़ से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं
कंपनी में आज भी 50 से भी कम कर्मचारी काम करते है ।
Telegram success story हमे सिखाती है कि कठिन रास्ते ही अक्सर खूबसूरत मंजिल की ओर ले जाते है। Telegram की कहानी एक एप की नहीं बल्कि यह अपनी प्राइवेसी के लिए लड़ने की कहानी है ।
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