Starbuks success story hindi : दुनिया की सबसे बड़ी कॉफी हाउस कंपनी । जहां कर्मचारियों को बाल रंगना ओर परफ्यूम तक लगाना माना है । अमेरिका में के सिएटल से शुरू हुई इस कंपनी के आज दुनिया के 84 देश में 34000 से ज्यादा स्टोर है।
हॉवर्ड बिजनेस रिव्यू की माने तो स्टारबक्स ने पिछले 50 सालों में खुद कोबेक ब्रांड के रूप में स्थापित किया है । इसके एक कप कॉफी को लोग अफॉर्डेबल लग्जरी मानते हैं । भारत में इसका पहला स्टोर 2012 मुंबई में खोला गया था। आज दुनिया में 34000 से ज्यादा स्टोर्स है । कंपनी का मार्केटकेप 9 लाख करोड़ रुपए है ।
सफलता की कहानी में आज हम बात करेंगे स्टारबक्स की कहानी के बारे में
Starbuks success story hindi: स्टारबक्स की शुरुआत 1971 में कॉलेज में पढ़ने वाले तीन दोस्त “जैरी बाल्डविन , जैव सीगल और गार्डन बोकर” ने की थी । अपना पहला स्टोर सिएटल के पाइक प्लेस मार्केट में खोला था। उस समय इसमें सिर्फ फ्रेश रोस्टेड कॉफी बीन, चाय और स्पाइसेज मसाले मिलते थे।
कंपनी चलने लगी तो तीनों फाउंडर ने मार्केटिंग के लिए साल 1982 में” हार्वर्ड शुल्ज़” को कंपनी से जोड़ा। शुल्ज कंपनी से ही जुड़ते इसके विस्तार में लग गए । एक हावर्ड शुल्ज इटली गए वहां उन्होंने काफी हाउस के मॉडल की स्टडी की ।
इटली से लौटकर स्टारबक्स के मालिकों से अपने स्टोर में काफी और बेवरेज बेचने की इजाजत मांगी । सहमति नहीं मिली तो शुल्ज ने 1985 में कंपनी छोड़ दी । नौकरी छोड़कर शुल्ज ने सिएटल में ही अपनी कॉपी चेन शुरू की। 2 साल बाद शुल्ज़ वापस आए और स्टारबक्स को खरीद लिया। स्टारबक्स को ग्लोबल ब्रांड बनाने के लिए हॉवर्ड शुल्ज 2018 में रिटायर्ड हुए। और फरवरी 2022 में फिर से सीईओ बने ।
सबसे पहले स्टारबक्स का नाम “स्टार्बो “रखने का फैसला किया गया था। बाद में फाउंडर की नजर हरमन मेलबर्न के नोबेल मोबी डिक पर पड़ी और वहां से इसका नाम स्टारबक्स लिया गया। पब्लिक को इसके नाम से ज्यादा इसका ग्रीन कलर का लोगो ज्यादा पसंद आया ।
लोगों में मौजूद फिगर ग्रीक माइथॉलजी से इंस्पायर्ड है जिसे सायरन कहते हैं। यह आदि स्त्री और आधा पक्षी है । शुरुआती दिनों में इसका रंग ब्राउन हुआ करता था । 1987 में इसका रंग पहली बार ग्रीन में बदला गया ।
Starbuks success story hindi: भारत में टाटा ग्लोबल बेवरेज के साथ स्टारबक्स ने अक्टूबर 2012 में एंट्री ली । एक चाय पीने वाले देश में जब स्टारबक्स उतरा तो उसे सफल होने की उम्मीद कम लगी। फिर एक सर्वे में पता चला कि अधिकांश भारतीय अपने दोस्त और रिश्तेदारों के साथ एक कैफे में लगभग 45 मिनट बिताते हैं । इस सर्वे ने स्टारबक्स जैसी कॉफी हाउस कंपनी को सफलता की चाबी दे दी ।
स्टारबक्स ने भारत में काफी के साथ-साथ एक बढ़िया एक्सपीरियंस देने का वादा किया । उदाहरण के लिए नई दिल्ली में कनॉट प्लेस में स्थित स्टारबक्स स्टोर जहां की दीवारों पर सुंदर पेंटिंग बनी हुई है और पूरा स्टोर मैट और रस्सियों से मिलकर बना है । फ्री बाई फाइ,लाइव म्यूजिक ओर कम्युनिटी इंगेजमेंट ने लोगो के बीच लॉयल्टी को बढ़ाया।
स्टारबक्स ने 19 अक्टूबर 2012 को मुम्बई के हॉर्निमन सर्कल में पहला स्टोर खोला । कंपनी ने 2013 में कर्नाटक के कोडागु में रोस्टिंग पैकेजिंग प्लांट शुरू किया । 5 साल के भीतर भारत के अलग-अलग शहर( बेगलुरु,पंजाब ,अमृतसर,, मध्यप्रदेश ,जयपुर ,) में स्टारबक्स ने 100 स्टोर खोल दिए ।
मौजूदा समय भारत के 36 शहरों में 300 से ज्यादा स्टोर्स है । वही फरवरी 2026 अंत तक 76 शहरो में 470 से जायदा स्टोर्स खोले जाएंगे । आज स्टारबक्स भारतीय लोगों के बीच एक लग्जरी के रूप में सफल हो गया ।
ऐसा नहीं है कि स्टारबक्स ने सिर्फ सफलता को दौर ही देखा है । विवादों और असफलता से भी इसका नाता है। 2008 में जब अमेरिका में मंदी आई तो उस वक्त स्टारबक्स को अपने 600 स्टोर्स बंद करने पड़े और लगभग 1000 लोगों को नौकरी से निकालना पड़ा ।
वही विवाद के मामले में जब अमेरिका में एक महिला कर्मचारी को 3 मिनट ऑफिस देर से आने पर नौकरी से निकाल दिया गया। इसके अलावा स्टारबक्स चीन में ओवरप्राइजिंग का विषय बना । वही लाते बेवरेज में की अंडरफिलिंग पर भी अच्छा खासा विवाद हुआ था ।
स्टारबक्स में काम करने वाले लोगों को एम्प्लॉई नहीं बल्कि पार्टनर कहा जाता है। यहां तक की पार्ट टाइम काम करने वालों को भी स्टॉक का ऑफर मिलता है । कोबिड के दौर में जब बाकी कंपनी लोगों को नौकरी से निकाल रही थी । तो उस वक्त स्टारबक्स स्टाफ की ट्रेनिंग के साथ कॉफी टेस्टिंग जैसे बाकी सोर्स पर निवेश कर रहा था। स्टारबक्स में कर्मचारियों का एक ड्रेस कोड है ।
कर्मचारियों को परफ्यूम ,ज्यादा क्वालिटी के डियो लगाने की इजाजत नहीं है। क्योंकि इससे कॉफी के स्वाद और खुशबू पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा यहां के कर्मचारी को हेयर कलर करने की मनाई है । अगर कोई हेयर कलर करना चाहता है तो उसे इस बात का ध्यान रखना होगा कि हेयर कलर परमानेंट हो ।
स्टारबक्स का रेवेन्यू तीन प्रमुख सेगमेंट से आता है पहला है कंपनी के स्टोर्स, दूसरा लाइसेंस फीस और तीसरा बाकी जरिए से । इनमें से 80% पैसा कंपनी के स्टोर से आता है । कंपनी रोस्टिंग मार्केटिंग और स्पेशलिटी कॉफी के साथ बेवरेज, फूड और ब्रांडेड प्रोडक्ट के जरिए कमाई करती है।
इनमें भी बेवरेज से सबसे ज्यादा 61% कमाई होती है। जनवरी 2026 में कंपनी ने AI ड्रिवन पर्सनलाइज्ड ऑर्डर्स लॉन्च किए । जिससे सेल्स 12%ओर बड़ी । सेल्स रिकॉर्ड की बात की जाए तो नॉर्थ अमेरिका सेगमेंट में सबसे ज्यादा कमाई होती है पिछले वित्तीय वर्ष 2025 में कंपनी 2.3 लाख करोड़ का रहा ।
दुनिया भर में काफी के पौधों की कई किस्म है । लेकिन मुख्यतः दो प्रमुख है अरेबिका और रोबस्टा । इनमें राॅबास्टा कम ऊंचाई वाले एरिया में पर होती है। तो वहीं अरेबिका कॉफी पौधे 3 से 6000 फुट ऊंचाई वाले इलाकों पाए जाते हैं । या ठंडी रातें या गर्म दिन बीन्स के फ्लेवर थोड़ा अलग बनाते हैं ।
स्टारबक्स शुरुआत से अरेबिका बीन्स का इस्तेमाल करता रहा है। इसके लिए लैटिन अमेरिका अफ्रीका एशिया में कॉपी के किसानों से करार किया गया। स्टारबक्स अपने सेंटर्स पर रोजाना कम से कम 1000 कॉपी टेस्ट की जाती है । एक बैच मार्केट में जाने से पहले कॉफी को तीन बार टेस्ट किया जाता है। Yo Yo Honey singh : biography in hindi
Starbuks success story hindi: हमे सिखाती है कि विवाद और चुनौतियां हर बड़ी कंपनी के साथ आती हैं। कोई भी ब्रांड सिर्फ प्रोडक्ट नहीं, अनुभव होता है ओर सही लीडर कंपनी की दिशा बदल सकता है। https://en.wikipedia.org/wiki/Starbucks
ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी के लिए जुड़े रहे safltakikahani. Com के साथ thanks..
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