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Lionel messi :- कैसे बना फुटबॉल का GOAT

Lionel Messi   :- कैसे बना फुटबॉल का GOAT 

Lionel messi: छोटे कद और गंभीर बीमारी से जूझता एक बच्चा कैसे बना फुटबॉल का GOAT । लियोनेल मेसी की संघर्ष, बीमारी, बार्सिलोना, वर्ल्ड कप और भारत टूर की पूरी कहानी हिंदी में।

जिसकी झलक के लिए भारतीयों ने लाखों के टिकट खरीदे 13 दिसंबर 2025 को कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में इंडिया टूर पर आए Lionel messi के 50000 फैंस हजारों की टिकट लेकर उनका इंतजार कर रहे थे इधर मीडिया और वीवीआईपी लोगों ने मेसी को घेर लिया आपत्ति के चलते मेसी सिर्फ 22 मिनट रुक कर चले गए और इवेंट कैंसिल करना पड़ा  ।

जिससे उनके फैंस नाराज़  भी  हुए थे । फैंसो ने स्टेडियम की कुर्सियां इवेंट के बैनर होर्डिंग तोड़ दी । इसके बाद मेसी राहुल गांधी से मिले तेलंगाना के CM और 15 दिसंबर को PM नरेंद्र मोदी से मिले ।

Lionel messi:  4 साल की उम्र में पहला मैच खेला 

Lionel messi  का जन्म  24 जून 1987 को अर्जेंटीना के रोजगारियों शहर में हुआ था । इतालवी मूल रूप का  यह परिवार बहुत अमीर नहीं था ,पिता जॉर्ज मैसी रोजारियो  की एक स्टील फैक्ट्री में मैनेजर थे । मां सेलिया कुकीटिन चुंबक बनाने वाली फैक्ट्री में क्लीनर का काम करती थी।

घर में मैसी  के दो बड़े भाई रोड्रिगो ओर माटियास ओर एक छोटी बहन मारिया सोल है ।  उनके पिता जॉर्ज  लोकल लेवल पर क्लब ग्रैंडोली  नाम का एक फुटबॉल क्लब भी चलाते थे ।  4 साल के मैसी अपनी उम्र और बेहद छोटे कद के चलते मैदान पर नजरअंदाज कर दिए जाते थे । एक दिन ग्रैंडोली के एक मैच से पहले टीम में एक खिलाड़ी कम था।

Lionel messi  की नानी सेलिया ने कोच यानी मेसी के पिता से  मैसी को टीम में लेने के लिए कहा । जॉर्ज ने हिचकिचाते हुए मैसी को मौका दिया । उस  मैच में 4 साल के मैसी ने जो खेल दिखाया ,उसने सबको हैरान कर दिया।  2000 में नानी की मृत्यु के बाद से अब तक मैसी हर गोल करने के बाद उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए अपनी उंगलियां आसमान की तरफ उठाते हैं । 

मैसी:  ग्रोथ हार्मोन की कमी

Lionel messi जब 7 साल के हुए तो  रोजारियो के स्पोर्ट्स क्लब न्यूवेल्स ओल्ड बॉयज की यूथ अकादमी में एंट्री मिली । यह मैसी जिस टीम का हिस्सा बने ,उसका नाम उनकी ही पैदाइश के साल पर “द मशीन ऑफ 87  रखा ।  रोजारियो  फुटबॉल एसोसिएशन की रिपोर्ट के मुताबिक मैसी ने इस क्लब से खेलते हुए 176 मैचों में 234 गोल दागे ।

जब मैसी 10 साल के हुए तो उनको ग्रोथ हार्मोन डिफिशिएंसी  का पता चला । उनका शरीर ग्रोथ  के लिए पर्याप्त हार्मोन नहीं बना रहा था।  उम्र के साथ शरीर बढ़ता रहे इसके लिए हार्मोन थेरेपी शुरू की गई ।  मैसी को रोज रात को एक महंगा इंजेक्शन लेना पड़ता था।

इसका मासिक खर्च करें 1000 अर्जेंटीनम पैसो था । उनके पिता जॉर्ज अपनी बीमा पॉलिसी से सिर्फ 2 साल तक ही मैसी का इलाज करवा सकते थे। न्यूवेल्स ओल्ड बॉयज भी इलाज का वादा करके मुकर गया था , बाकी क्लवो ने भी मदद से इनकार कर दिया।

उस समय पर  स्पेन का मशहूर फुटबॉल क्लब “FC बर्सिलोना”  उभरते फुटबॉल प्लेयर्स पर  नजर रखता था,  और उन्हें मौका देता था।  2000 में 13 साल की उम्र में ट्रायल के लिए  मैसी बर्सिलोना की यूथ  अकादमी ला मासिया पहुंचे । अकादमी के डायरेक्टर कॉल्स रिक्शेक मैसी को खेलते देखकर समझ गए कि यह लड़का  साधारण है । ट्रायल  के बाद बार्सिलोना के बोर्ड को मैसी को अपनी टीम में  लेने में देरी हो रही थी।

जॉर्ज मैसी के इलाज को लेकर चिंतित थे।  बेचैन होकर उन्होंने कहा कि बे अब  वापस अर्जेंटीना चल जाएंगे । 14 दिसंबर 2000 को रिक्शेक और मैसी  के पिता एक टेनिस क्लब के रेस्टोरेंट में मिले । रिक्शेक  के पास मौके पर ऑफिशल डॉक्युमेंट्स नहीं थे ।

इसलिए उन्होंने एक कागज की नैपकिन पर लिख दिया कि बार्सिलोना मैसी को साइन करेगा और उनके इलाज का खर्च उठाएगा ।  यह नैपकिन कॉन्टेक्ट्स आज भी  फुटबॉल की दुनिया में मशहूर है । इसी के चलते  मैसी पिता के साथ  स्पेन आ गए । और बार्सिलोना की अकादमी “ला मासिया”  में शामिल हुए ।

विदेशी खिलाड़ी होने के के कारण  शुरुआत में मैसी  को सिर्फ फ्रेंडली मैचों में खेलने दिया गया । मेसी काफी शर्मीले थे,और स्पेनिश नहीं बोल पाते थे  । अकेले कमरे में फुटबॉल से बात करते।  कलम में 1 साल बीतने के बाद फरवरी 2002 में उन्होंने रॉयल स्पेनिश फुटबॉल फेडरेशन में दाखिल मिल गया । अब वे सभी प्रतियोगिता में खेल सकते थे।

14 साल की उम्र में ग्रोथ हॉरमोन थेरेपी पूरी होने के बाद में वे  बार्सिलोना की” बेबी ड्रीम” टीम में शामिल हुए।  और 2002- 3 के सेशन में कैडेट्स A के लिए 30 मैचों  में 36 गोल कर   टॉप स्कोरर  बन गए ।  इसके बाद 2004 में बार्सिलोना यूथ टीम के लिए उन्होंने यूथ कप  के फाइनल में दो गोल दागे । इस दौरान उनके चेहरे पर चोट के चलते प्रोडक्ट मास्क लगा हुआ था।  इसी बीच उन्हें इंग्लैंड के आर्सेनल फुटबॉल क्लब से ऑफर मिला, लेकिन मैसी ने बार्सिलोना का साथ नहीं छोड़ा ।

Lionel messi : बार्सिलोना के लिए पहला प्रोफेशनल मैच

मैसी ने 17 साल की उम्र में बार्सिलोना के लिए अपना पहला प्रोफेशनल करियर का मैच खेला।  एक प्लेयर के  चोटिल होने के चलते बतौर सब्सीट्यूट मैसी को मौका मिला, लेकिन वह सिर्फ 8 मिनट मैदान पर रहे ।

सीनियर टीम के साथ ट्रेनिंग के दौरान बार्सिलोना के स्टार खिलाड़ी रोनाल्डिन्हो ने मेसी की तकलीफ से प्रभावित होकर  कहा कि उन्हें भरोसा किया कि 16 साल का यह लड़का उनसे भी बेहतर खिलाड़ी बनेगा। रोनाल्डिन्हो जल्द ही मेसी के दोस्त बन गए और उन्हें छोटा भाई कहने लगे ।

2004 में अपने  पहले जन्मदिन बोर मेसी ने 2010 तक के लिए बार्सिलोना के साथ बतौर  सीनियर प्लेयर 150 मिलियन यूरो का कांटेक्ट साइन किया। मई 2005 में मैसी  ने अपने प्रोफेशनल करियर का पहला गोल दागा।  17 साल 3 महीने और 22 दिन के मैसी स्पेनिश क्लब अल्बासेटे  के खिलाफ गोल दागकर   बार्सिलोना   की तरफ से  किसी ऑफिशल कॉप्टिशियन में गोल करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने ।  2006-7 के बीच भी बार्सिलोना के लिए मेसी 36 मैचों में 17 गोल दागे।

मेसी: मैराडोना का उत्तराधिकारी बना

2007 में मैसी  ने स्पेनिश लीग में स्पेनिश क्लब गेटाफे के खिलाफ एक शानदार गोल किया । मेसी  ने अपनी टीम के हाफ  से फुटबॉल हवा में उड़ाई ,60 मीटर से ज्यादा दौड़े और चार डिफेंडर को ड्रिबल करते हुए पार किया ।

इसके बाद गोलकीपर को भी छकाया और गोल कर दिया।  ऐसा ही गोल 1986 के वर्ल्ड कप में मैसी के आदर्श और अर्जेंटीना की नेशनल टीम में कप्तान डिएगो मेराडोना के खिलाफ किया था । जिसको गोल ऑफिस सेंचुरी कहा गया।  इसके बाद मेसी को  मेराडोना का उत्तराधिकारी कहा जाने लगा ।

2008 – 9 के सेशन  से ही मेसी 10 नंबर की जर्सी पहनकर खेलते हैं।  इस सेशन  में उन्होंने बार्सिलोना के लिए कोपा डेल रे “फिर  ला लीग और बाद में चैंपियनशिप किताब जीता।  स्पेनिश फुटबॉल के इतिहास में पहली बार तिहरा  खिताब  हासिल करने वाले प्लेयर बने।

2008 में पेप  गार्डियोला बार्सिलोना के नए कोच बने । उन्होंने मेसी को सेंटर फारवर्ड की वजह मैदान के दाएं तरफ से  खिलाना शुरू किया।  जिसे फॉल्स 9 कहा जाता था।  इस नई पोजीशन  ने मेसी को ओर  खतरनाक बना दिया ।

स्पेनिश क्लब ने 2009 में ऐतिहासिक सिक्स ट्रेवल   यानी एक कैलेंडर ईयर में 6 बड़े खिताब जीते।  इसी साल में मैसी  को पहली बार फुटबॉल की दुनिया का सबसे बड़ा किताब ” बैलेन डी’ ओर मिला । 2012 तक उन्हें 4 बार यह किताब मिला । यह फुटबॉल के अब तक के इतिहास में पहली बार हुआ था ।

Messi : संन्यास का फैसला फिर वापसी

2014 के फुटबॉल वर्ल्ड कप के फाइनल में अर्जेंटीना को जर्मनी से हार मिली । इसके अलावा कोपा अमेरिका लीग के  लगातार तीन फाइनल यानी 2007 2015 2016 के हार के बाद मेसी  टूट गए।  2016 के कोपा अमेरिका  फाइनल में  चिली  से हारने के बाद निराश होकर मेसी ने  इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास लेने की घोषणा की।  उन्होंने कहा यह मेरे लिए नहीं है ।

मेरे  चार फाइनल खेले हैं  यह मेरे लिए दुखद है । इसके बाद पूरे अर्जेंटीना में  उनके फैसले के खिलाफ बड़े  पैमाने पर प्रदर्शन किया । लाखों लोगों ने उन्हें टीम में वापस आने के लिए अपील की।  दबाव में मेसी ने  अपना सन्यास वापस ले लिया।  उन्होंने कहा था कि है अपने देश को प्यार करते हैं और खाली हाथ नहीं लौटना चाहते है ।

अर्जेंटिना के लिए सारे खिताब जीत messi बने GOAT

GOAT का मतलब होता है ” ग्रेटेस्ट आफ ऑल टाइम “। 17 अगस्त 2005 को मैसी ने  अर्जेंटीना के लिए हंगरी के खिलाफ अपना पहला इंटरनेशनल मैच खेला था । उसके बाद में लगातार 15 साल सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाया  और दुनिया के टॉप खिलाड़ियों में  बने रहे । मेसी ने 2012 में एक सेशन में सबसे ज्यादा 91 गोल  का रिकॉर्ड बनाया।  उसके बाद से अब तक 6 “ला लीग ” 5  “कोपा डेल  रे “और दो चैंपियनशिप लीग जीती ।

बार्सिलोना के लिए वह अब तक सबसे ज्यादा 672 गोल दाग  चुके हैं। मेसी को मैराडोना का  उत्तराधिकारी माना जा रहा था । मेसी  के दौर के  ही पुर्तगाल के खिलाड़ी और” रोनाल्डो “और मेसी को दुनिया  का बेस्ट फुटबॉलर  साबित करने की बहस  चल रही थी।  हालांकि दोनों के एक साथ एक कमी थी ।

दरअसल GOAT उसे कहा जाता है जो अपने देश ओर खुद के लिए सारे खिताब जीत ले । लियोनेल मेसी का करियर शुरू होने से पहले अर्जेंटीना ने 1978 ओर 1986 में डिएगो मेराडोना की कप्तानी में वर्ल्ड कप खिताब जीता था । उसके बाद 36 साल तक अर्जेंटीना ने कोई खिताब नहीं जीता।  

फिर टीम के कप्तान मेसी ने अर्जेंटीना को 2021 में कोपा अमेरिका दिसंबर 2022 में फीफा वर्ल्ड कप जीतकर GOAT कहलाने की आखिरी  अड़चन भी  दूर कर दी।  मेसी  अटैकिंग मिडफील्डर के बतौर   खेलते थे। उन्होंने टीम के लिए ने सिर्फ खुद गोल दागे  बल्कि उन्हें गोल एसिस्ट करने  वाले यानि  दूसरे खिलाड़ियों को फुटबॉल पास करके गोल  करवाने वाले दुनिया के सबसे काविल खिलाड़ियों में गिना जाता है।

अगस्त 2021 में वित्तीय समस्याओं के चलते मेसी ने  बार्सिलोना छोड़कर फ्रांस का फुटबॉल क्लब पेरिस सेंट जर्मन जॉइन लिया । नवंबर 2022 में उन्हें रिकॉर्ड 8 बी बार ” बैलन डी “ओर  मिला । 2023 में मेसी  PSG छोड़कर अमेरिका मेजर लीग सॉकर क्लब इंटर मियामी  में शामिल हो गए ।

Messi  : खेलने पर 3 महीने का बैन 

नीदरलैंड के खिलाफ  एक मैच के दौरान में सीनियर नीदरलैंड के खिलाड़ी वोउट बेगहॉर्स्ट से मैदान पर कहा तुम क्या देख रहे हो बोबो तुम्हारी नजर किस पर जाओ यहां से । बाद में मेसी ने इसकी  सफाई दी। लेकिन टीम को महसूस हो गया की मेसी को कूल  रखने की जरूरत है। क्योंकि अगले वर्ल्ड कप की तैयारी चल रही थी।

2019 में कोपा अमेरिका कप के दौरान वेनेजुएला के खिलाफ मैच में मेसी  ने पहली बार अर्जेंटीना का राष्ट्रगान गाया था।  यह संकेत थे कि उनके साथ कुछ नया हो रहा है।  इसके बाद सेमीफाइनल में ब्राजील ने अर्जेंटीना को हरा दिया।

ब्राजील के तब  के राष्ट्रपति के मैदान में उतरे और ब्राजील के फैन बेस्ट बेस्ट चिल्ला रहे थे । ब्राजील से बेहतर टीम होने के बावजूद अर्जेंटीना के हाथ से पेनल्टी शूटआउट के दो मौके  निकल गए ।

अर्जेंटीना की टीम बेहद  निराश थी ।  उसे लग रहा था कि लगता था की वीडियो देखते रहे रेफरी को  उनके हक में फैसला देना चाहिए था।  इसी बीच मेसी ने  मैदान में एक तरफ आकर कहा मुझे नहीं लगता कि फेडरेशन इस तरह की रेफरी के बारे में कुछ करेंगे क्योंकि सब कुछ ब्राजील के कंट्रोल में है।

इसके बाद दक्षिण अमेरिका फुटबॉल के प्रशासनिक संगठन “CONEMBOL ने मेसी  पर 3 महीने के लिए  बैन  लगा दिया ।  चिली  के खिलाफ मुकाबले  में मेसी  को एक  विपक्षी खिलाड़ी से  उलझने के आरोप में मैदान से बाहर कर दिया गया था।  अर्जेंटीना की टीम  से खेलते हुए ये  दूसरा  मौका था जब मैसी  को रेड कार्ड  दिखाया  गया ।

Lionel messi  :  फ्रेंड की चचेरी बहन से  की शादी

मेसी  2008 से अपने बचपन की दोस्त एंटोनेला  रॉककूजो  के साथ रिलेशन में थे। वो अपने बेस्ट फ्रेंड लुकाल  स्कगागिल्य की चचेरी बहन थी ।

2009 में दोनों ने अपना रिश्ता पब्लिश किया। मैसी  कहते हैं कि वह एंटोनेला के साथ बड़े हुए थे । एंटोनेला अभी अपना चाइल्ड फैशन ब्रांड “इनफेंस “ चलाती है और सोशल इनफ्लुएंसर भी है । 30 जून 2017 को मेसी और एंटोनेला ने अपने होमटाउन रोजारियो में शादी की। फैंस  के लिए बड़ी स्क्रीन पर समाराेह की स्क्रीन भी की गई।  अर्जेंटीना में शादी को” वेडिंग ऑफ द सेंचुरी” कहा गया। Elon musk success story hindi :   संपत्ति, पाकिस्तान , श्रीलंका, नेपाल की जीडीपी से ज्यादा 

Lionel messi  और एंटोनिला के शादी के पहले ही दो बेटे थे ।  थियागो ओर मोटेयो । शादी के बाद 2018 में तीसरे बेटे सिरों का जन्म हुआ । मेसी का पूरा परिवार उनके करियर और पर्सनल लाइफ को मैनेज करता है।  पिता जॉर्ज  14 साल की उम्र से उनके मैनेजर का रोल निभा रहे हैं ।

भाई रोड्रिगो डेली  शेड्यूल और पब्लिक सिटी संभालते हैं। बड़ा  भाई मटियास और  मां लियों मेसी फाउंडेशन  संभालती है ।  मेसी  अपने परिवार से बेहद करीब है । और अक्सर पार्टियों से बचने की कोशिश करते हैं । उन्हें फ्री टाइम में बच्चों के साथ वीडियो गेम खेलना फिल्म देखना पसंद है।  उनके पास दो डॉग 🐕 भी है

Lionel messi  :  लग्जरी  लाइफ

लियोनेल मेसी की कुल संपत्ति लगभग 7055 करोड रुपए हैं । उनके पास एक लग्जरी प्राइवेट जेट गल्फ स्ट्रीम भी है। जिसे  उन्होंने 2018 में खरीदा था।  मेसी  अक्सर इस जेट से ट्रैवल करते हैं । मेसी  को कारों का भी शौक है ।https://en.wikipedia.org/wiki/Lionel_Messi

उन्हें पास फरारी से मर्सिडीज़ तक कुल 15 लग्जरी गाड़ी है।  मेसी के पास फ्लोरिडा ,मियामी, बर्सिलोना  में घर और प्रॉपर्टी  भी है।  वे  अभी अपने फ्लोरिडा वाले घर में रहते हैं । जेकब एंड कंपनी ने मेसी  के लिए स्पेशल घड़ी  डिजाइन की जिसकी  कीमत डेढ़ करोड़ रुपए बताई जाती है । इसके अलावा भी उनके पास कहीं  घड़ियां है ।

मेसी का इंडिया टूर

Lionel messi  सबसे पहले भारत  2011 में कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में अर्जेंटीना की तरफ से वेनेजुएला के खिलाफ फ्रेंडली मैच खेलने आए थे। उस वक्त  कोलकाता की इवेंट की टिकट्स 3500 से ₹12000 तक की थी । 13 दिसंबर 2025 को मेसी भारत के  4  शहरों में अपने GOAT  इंडिया टूर के लिए 14 साल बाद आए थे । जिसमें उन्होने अपने फैंस का अभिवादन भी किया।

safltakikhani@gmail.com

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