Davar success story in hindi ,बंगाल के छोटे से कमरे से शुरू हुई आयुर्वेदिक कंपनी , आज 250 से ज्यादा प्रोडक्ट और 1 लाख करोड़ का अंपायर।।
SafltaKiKahani में आज हम बात करेंगे दुनिया की सबसे बड़ी आयुर्वेदिक एवं नेचुरल हेल्थ केयर कंपनी के बारे में ,जो अपने 138 सालों के साथ 120 देशों में 2500 से ज्यादा प्रोडक्ट बेचती है।
डावर की शुरुआत बंगाल के कोलकाता से हुई थी । 1880 की दशक में कोलकाता में रहने वाले एस के बर्मन(S .K.Burman) का एक ही सपना था कि घरों से दूर रहने वाले लोगों को भी कम दाम में दावा मिले, क्योंकि उस वक्त महामारी का दौर था। उस वक्त दबाइयों का खर्च उठाने की सब की हिम्मत नहीं थी । इसी से प्रेरित होकर बर्मन ने आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों से दवाइयां बनाने का फैसला किया । और इस तरह से डाबर की शुरुआत हुई।
संघर्ष और सफलता –
Davar success story in hindi, बर्मन ने आयुर्वेदिक की मदद से कुछ दवाइयां बनाई और उनसे खुद लोगों का इलाज करने लगे थे । उनकी दवाइयां से लोग जल्दी स्वस्थ होने लगे थे। इससे वह गांव के लोगों के बीच काफी प्रसिद्ध हो गए । इसके बाद उन्होंने कोलकाता के छोटे से कमरे में कंपनी की नींव रखी। कोलकाता में लोग doctor को dactor खेल कर बुलाते थे । बर्मन ने इनकी बोलचाल को पकड़ा । बर्मन के डॉक्टर के da एवं उनके Bor को जोड़कर डाबर(DAVAR ) शब्द निकाला। इस तरह में 1884 में दुनिया की सबसे बड़ी आयुर्वेदिक अंपायर डावर की नींव रखी गई।Amazon Success Story in Hindi | गैरेज से दुनिया की सबसे बड़ी दुकान
1886 के आते आते डाबर के प्रोडक्ट की की लोकप्रियता बहुत बढ़ गई थी । डॉक्टर बर्मन ने इसे बड़े पैमाने पर बनाने की सोची थी । इसके बाद कोलकाता में ही डावर की एक बड़ी फैक्ट्री खोली । इसके बाद डाबर उन बीमारियों की दवा बनाने लगा जिनकी अंग्रेजी दवा नहीं थी।
इसी दौरान 1987 में डॉक्टर बर्मन की मृत्यु हो गई। इसके बाद कंपनी को उसके बेटे सी एल बर्मन( C.L.Burman ) ने मार्केट को संभाला और इसके मार्केट को समझा । इसी के साथ उन्होंने रिसर्च के लिए रिसर्च लैब भी बनवाया।
1972 में डाबर ने दिल्ली में अपना ऑपरेशन शुरू किया और साहिबाबाद में एक बहुत बड़ी फैक्ट्री खोली और डेवलपमेंट सेंटर बनवाया। 1994 में डाबर ने अपना शेयर भी जारी किया।
कंपनी को प्रोफेशनल लोगो के हवाले किया –
1996 में कंपनी को तीन हिस्सों में बांटा गया हेल्थ केयर , फैमिली प्रोडक्ट और आयुर्वेदिक प्रोडक्ट। इसके बाद कंपनी ने फैसला किया कि कंपनी को संस्थापक नहीं प्रोफेशनल लोग चलाएंगे । इसके बाद इसके लिए कंपनी ने कंसल्टिंग फर्म मैकेंसी (mckinsey) को हायर किया ,और कंपनी की रणनीति को स्पष्ट किया कि कोई भी बर्मन परिवार कंपनी से कोई सेलरी नहीं लेगा , और सबसे अपने एग्जीक्यूटिव पद छोड़ दिए । परिवार के सदस्य सिर्फ डिविडेंड लेंगे डाबर से बाहर अपने उपक्रम शुरू किए । इसके बाद उन्होंने एक अलग ऑफिस बनाया।
https://en.wikipedia.org/wiki/Davar
इसके बाद प्रोफेशनल लोग कंपनी को चलाने लगे और अपने प्रोडक्ट बेचने लगे ।
अधिग्रहण और ग्रोथ
साल 2005 में डाबर ने बलसारा ग्रुप का 143 करोड रुपए में अधिग्रहण किया । यह कंपनी ओडोनिल ,babool,जैसे हाइजीन प्रोडक्ट बनाती थी ।
इसी से 2006 में डाबर कंपनी का मार्केट कैप 20,000 करोड़ को पार कर गया ।
2008 में कंपनी ने फेम फेयर फार्मा ,
2010 में हॉबी कॉस्मेटिक ,
2011 में अजंता फार्मा की 30+ का अधिग्रहण किया।
कोविड का दौर
जब 2019 में कोविड का दौर आया तो कंपनी ने डाबर के प्रोडक्ट की घटती बिक्री को देखते हुए कंपनी के CEO मोहित मल्होत्रा ने पुराने प्रोडक्खट को नए फार्मूला के साथ लॉन्च किया । इस तरह कोरोना में भी डाबर की बढ़ती मांग ने ऐसे ब्रांड बना दिया।
आज कंपनी की 30 से ज्यादा मैनुफैक्चरिंग यूनिट है । 120 देशों में 2500 से ज्यादा प्रोडक्ट बेचती है । आज कंपनी का मार्केट कैप 1.8 लाख करोड़ है ।
Davar success story in hindi , हमे सिखाती है कि अगर आपका बिजन बड़ा ओर सोच ईमानदार हों तो छोटे से कमरे से शुरू होकर भी 1 लाख करोड़ का साम्राज्य खड़ा कर सकते है ।
अगर आपको यह कहानी पसंद आई है तो safltakikahani के साथ जुड़े रहे । thanks….
टोयोटा की सफलता की कहानी | कैसे दुनिया की सबसे भरोसेमंद कार कंपनी बनी "Toyota?…
Navjot Singh Sidhu : शर्मीले लड़के से टीवी स्टार और नेता बनने तक की पूरी…
LG Success story in hindi: क्रीम, टूथपेस्ट से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स तक का सफर । LG…
BSNL Success story hindi : 2026 में BSNL ने कैसे जिओ ओर एयरटेल को टक्कर…
Repido success story in hindi : कैसे एक जीरो स्टार्टअप बना इंडिया का बाइक टैक्सी…
Physics wallah success story in hindi: 5000 से फिजिक्स वाला की शुरुआत । आज कंपनी…
View Comments