L’Oréal Success Story in Hindi: दो कमरों से शुरू हुई कंपनी, कैसे बनी दुनिया की सबसे बड़ी कॉस्मेटिक ब्रांड

L’Oréal Success Story in Hindi: कैसे एक फार्मासिस्ट ने दो कमरों से शुरुआत कर दुनिया की सबसे बड़ी कॉस्मेटिक कंपनी बनाई। पढ़ें L’Oréal का इतिहास, बिजनेस मॉडल, विवाद, महिला सशक्तिकरण और सफलता के राज।
अगर आप कॉस्मेटिक या ब्यूटी प्रोडक्ट का इस्तेमाल करते हैं तो आपने कभी न कभी L’Oréal (लॉरिअल) का नाम जरूर सुना होगा। आज यह कंपनी दुनिया की सबसे बड़ी कॉस्मेटिक और ब्यूटी ब्रांड है। स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप, परफ्यूम और प्रोफेशनल सैलून प्रोडक्ट्स के क्षेत्र में लॉरिअल का दबदबा पूरी दुनिया में देखने को मिलता है।
दुनिया के स्किन केयर प्रोडक्ट बाजार में लॉरिअल की सबसे सर्वाधिक 41 प्रतिशत हिस्सेदारी है। जिसके प्रोडक्ट 150 से अधिक देशों में बिकते हैं, कंपनी के 36 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय ब्रांड हैं ,और लगभग 90,000 कर्मचारी इसमें कार्यरत हैं। खास बात यह है कि कंपनी की लगभग 69 प्रतिशत वर्कफोर्स महिलाएं हैं। यही वजह है कि लॉरिअल को महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने वाली कंपनियों में गिना जाता है।
L’Oreal ही वह ब्रांड है जिसने दुनिया को दो सबसे अमीर महिलाए दी है । फ्रेंकोइस से पहले उनकी मां लिलियन बेटेनकोर्ट जब लोरियल को चलाती थी । तब बे सबसे अमीर महिला थी । आज फ्रेंकोइस बेटेनकोर्ट , एलिस बोल्टन के बाद दुनिया की सबसे अमीर महिला है ।आज लोरियल दुनिया का सबसे बड़ा कॉस्मेटिक ब्रांड है ।
स्थापना – 30 जुलाई 1909 ( फ्रांस)
संस्थापक- यूजीन शूलर(Eugene schueller)
मुख्यालय- क्लिशी, फ्रांस
उद्योग- कॉस्मेटिक्स एवं ब्यूटी
ब्रांड वैल्यू- लगभग $ 44 विलियन
कर्मचारियों की संख्या- लगभग 90000
संचालन- 150+ देशों में
सफलता की कहानी में आज हम बात करेंगे दो कमरों से शुरू होने वाली लॉयल कंपनी की कहानी के बारे में,
एक फार्मासिस्ट ने की थी L’oreal की शुरुआत
L’oreal के फाउंडर का नाम यूजीन शूलर है। उनके पिता एक पेस्ट्री शॉप में काम करते थे। ग्रेजुएशन के बाद यूगेन एक लैब में रिसर्च अस्सिटेंट की नौकरी कर रहे थे। इसी बीच एक बड़े सैलून शॉप के मालिक ने शूलर को एक सिंथेटिक हेयर डाई बनाने के लिए मदद के लिए बुलाया ।

20वीं शताब्दी की शुरुआत में फ्रांस की महिलाएं नियमित रूप से डाई में मिले हुए जहरीले केमिकल से परेशान थी । उन केमिकल्स की वजह से उन्हें कई तरह की समस्या से उलझना पड़ता था। शूलर ने सैफ कलर डाई बनाने का फार्मूला तलाशना शुरु किया। कई सालों की मेहनत के बाद 1919 में जाकर उन्होंने डाई बनाने का फार्मूला ढूंढ लिया।
दो कमरों से शुरू हुई कंपनी
1919 में फ्रांस के रहने वाले यूजीन ने दो कमरों के अपार्टमेंट में “ओरियल “नाम से कंपनी शुरू की। ओरियल एक फ्रेंच नाम है जो उस दौर का हेयर स्टाइल हुआ करता था। हालांकि बाद में उन्होंने कंपनी का नाम “लॉरिअल( L’Oreal ) ” कर दिया। L’Oreal की स्थापना के बाद 1930 तक फ्रांस में कहीं बदलाव हुए । हफ्ते में 5 दिन काम करने और दो हफ्ते की पैड लीव का ट्रेंड शुरू हुआ। नतीजन ज्यादा लोग समुद्र के किनारे वक्त बताने लगे। लोरियल के फाउंडर शूलर ने इस मौके के तौर पर देखा ओर सन स्क्रीन क्रीम लॉन्च कर दी । कंपनी को इसका फायदा मिल ओर 1945 से कंपनी ने अपने उत्पादों को बड़े स्तर पर विदेश में एक्सपोर्ट करना भी शुरू कर दिया।
महिलाओं को सबसे जायदा अवसर
L’Oreal वूमेन एंपावरमेंट को बढ़ावा देने के लिए जानी जाती है। इस कंपनी ने हमेशा से महिला को काफी प्राथमिकता दी है ,इसलिए कंपनी में हर 10 में से 7 कर्मचारी महिलाएं है । प्रोडक्ट बनाने से लेकर कंपनी के लीडर शिप तक में महिलाओं को आगे रखा है। नतीजा यहां रहा कि कंपनी ने लगातार सुधार किए ओर प्रोडक्ट को बेहतर बनाया ।

कंपनी के हर डिपार्टमेंट में महिलाएं की संख्या पुरुष से ज्यादा है। कंपनी में 70 % वर्कफोर्स महिलाएं की है। लोरियल की मालिक फ्रेंकोइस बेटेनकोर्ट दुनिया की दूसरी सबसे अमीर महिला है । फोर्व्स के मुताबिक उनकी संपत्ति 5. 23 लाख करोड रुपए हैं।
एनिमल टेस्टिंग के खिलाफ है L’Oreal
लॉरिअल प्रोडक्ट बनाने के लिए जानवरों का परीक्षण के खिलाफ रही है। एक विकल्प खोजने के लिए कंपनी ने शोध में भारी रकम निवेश की है है । लोरियल उस समिति का हिस्सा भी रह चुकी है जिसका गठन एनिमल टेस्टिंग के ऑप्शंस खोजने के लिए किया गया था। कंपनी अपनी इसी पॉलिसी के कारण चीन जैसे बड़े मार्केट से बाहर हो चुकी है। दरअसल चीन में ब्यूटी प्रोडक्ट की एनिमल टेस्टिंग अनिवार्य है ।
L’Oreal की पॉलिसी एनिमल टेस्टिंग के खिलाफ है और यही वजह है कि लॉरिअल द्वारा अधिकृत कंपनी “द बॉडी शॉप “चीन में उपलब्ध नहीं है। अपने पॉलिसी पर सख्त रहने वाली लॉरियल ने दुनिया को कई पहले प्रोडक्ट भी दिए है । 1933 में कंपनी ने पहली बार डोपल लॉन्च किया जो एक शॉप फ्री शैंपू था । वर्ष 1945 में लॉरिअल ने कोल्ड पर्म की शुरुआत की और 1963 में कंपनी ने फोम आधारित बाथ ओबाओ नाम से प्रोडक्ट की शुरुआत की ।
कंपनी का विवाद – कंपनी पर अश्वेत महिलाओं को न शामिल करने का आरोप
लॉरिअल अधिकतर अपने ब्रांड में विविधता ओर महिला को ज्यादा मौके देने के लिए जानी जाती है । इसी विविधता को दर्शाने के लिए अपनी टैगलाइन ,”Because I’m Worth It” को बदलकर “Because We’re Worth It” में बदल दिया। लेकिन यह सब करने के बावजूद साल 2007 में कंपनी को एक मुकदमे का सामना करना पड़ा। Walmart Success Story in Hindi: दुनिया की सबसे बड़ी रिटेल कंपनी की पूरी कहानी
लोरियल पर आरोप था कि इसमें जानबूझकर अपने गार्नियर डिवीजन के हेयर वाश के अभियान में अश्वेत महिलाओं को शामिल नहीं किया था । इसके अलावा लोरियल को झुर्रिया हटाने की क्षमता में सुधार देने वाले विज्ञापनों के लिए विवादों का सामना करना पड़ा था।
दुनिया का सबसे बड़ा सैलून भी लॉरिअल ऑफिस में मौजूद है । लोरियल का हेड ऑफिस पेरिस के पास हॉट्स डी सीन किल्ची में है । यहां पर विश्व का सबसे बड़ा हेयर सैलून मौजूद है । इस हेयर सैलून में 90 से अधिक हेयर ड्रेसर है जो एक बार में 300 से ज्यादा लोगों को ब्यूटी प्रोडक्ट की सर्विस दे सकते हैं।
L’Oreal की सफलता के 5 कारण
1. रिसर्च– कंपनी हर साल करोड़ों डॉलर रिसर्च पर खर्च करती है।
2. इनोवेशन– हर कुछ वर्षों में नए प्रोडक्ट लॉन्च करती रहती है।
3. महिला नेतृत्व– कंपनी में महिलाओं को अधिक अवसर दिए जाते हैं।
4. ग्लोबल नेटवर्क– 150 से ज्यादा देशों में मौजूद है।
5. मजबूत ब्रांड पोर्टफोलियो– 36 से अधिक अंतरराष्ट्रीय ब्रांड है। https://en.wikipedia.org/wiki/L%27Or%C3%A9al
L’Oreal success story hindi , हमे सिखाती है कि समस्या में अवसर खोजिए, रिसर्च और गुणवत्ता पर निवेश करना ग्राहकों की जरूरत समझना ,समय के साथ खुद को बदलते रहना ,किसी भी छोटे स्टार्टअप को बड़ी कंपनी बना सकती है ।
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