Johnson end Johnson Success Story –जानिए कैसे 1886 में 8 महिलाओं के साथ शुरू हुई जॉन्सन एंड जॉन्सन आज दुनिया की सबसे बड़ी फार्मा कंपनियों में से एक कैसे बनी ।
सफलता की कहानी में आज हम बात करेंगे jonsan end jonsan success story के बारे में …
आज जॉन्सन एंड जॉन्सन (jonsan &jonsan) का नाम आते ही भरोसा ,हेल्थकेयर,ओर क्वालिटी की तस्वीर सामने आती है।लेकिन क्या आप जानते है कि जॉन्सन एंड जॉन्सन दुनिया की सभी बड़ी फॉर्मा कंपनियों में से एक है।जिसकी शुरुआत सिर्फ 14 कर्मचारियों से हुई थी ,जिनमें 8 महिलाएं थी। आज इसकी 60 से अधिक देशों में 275 से अधिक ऑपरेटिंग कंपनियां है।भारत में लगभग 6000 से अधिक लोग इस कंपनी में काम करते है
Jonsan end jonsan success story , में हम बात करेंगे जॉनसन एंड जॉनसन की शुरुआत एक भाषण से प्रेरित होकर 1886 में अमेरिका के न्यू जर्सी में तीन भाइयों रोबोट बुड जॉनसन ,जेम्स बुड जॉन्सन और एडवर्ड मीन जॉन्सन ने इसकी नींव रखी थी। इन तीनों भाइयों को यह आइडिया प्रसिद्ध सर्जन जोसेफ लिस्टर के एंटीसेप्टिक सर्जरी पर दिए गए एक भाषण से मिला । कहा जाता है कि उस दौर में अमेरिका में रेलवे लाइनों और फैक्ट्रियों का तेजी से विस्तार रहा था । ऐसे में छोटी छोटी दुर्घटनाएं आम बात थी ।इस समय रेडी टू यूज़ सर्जिकल किट के बारे में किसी ने सोचा तक नहीं था ।इसी विचार से तीनों भाइयों को यह कंपनी बनाने का आइडिया आया ।
रॉबर्ट बुड जॉन्सन कंपनी के पहले प्रेसिडेंट बने और सैनिक प्रैक्टिस में सुधार के लिए कम शुरू किया ।जॉन्सन एंड जॉन्सन ने ही सबसे पहले फर्स्ट एड किट बनाई जिसे रेल कर्मियों के लिए डिजाइन किया गया था ।यही जॉन्सन एंड जॉन्सन का पहला इनोवेशन था।
8 महिलाओं के साथ शुरुआत :एक मिसाल
कंपनी के शुरुआती 14 कर्मचारियों में से 8 महिलाएं थी ,जो उस दौर में एक असाधारण बात थी । इसी सोच का नतीजा था कि 2013 में working mother magazine ने jonsan &jonsan को बार्किंग मदर्स के लिए सर्वश्रेष्ठ कंपनियों में शामिल किया।
जॉन्सन एंड जॉन्सन मेटरनिटी किट और बेबी पाउडर से हर घर तक पहुंचा
साल 1894 में जॉन्सन एंड जॉन्सन ने मेटरनिटी किट लॉन्च की साथ ही jonsan &jonsan का हेरिटेज बेबी बिजनेस शुरू हुआ। मेटरनिटी का उद्देश्य बच्चों के जन्म के वक्त मां और नवजात शिशु को किसी भी तरह के संक्रमण से बचना था ।इसी साल जॉन्सन एंड जॉन्सन का baby powder,market में आया।रोबर्ट बुड जॉन्सन की पोती मेरी ली की तस्वीर बेबी पाउडर के डब्बे पर आई । मेरी दुनिया की पहली बच्ची थी जिसकी तस्वीर को बेबी पाउडर के प्रचार के लिए इस्तेमाल किया गया था । यह प्रोडक्ट आने वाले 128 सालों तक कंपनी की पहचान बना रहा।
Jonsan end jonsan success story,साल1959 में jonsan &jonsan ने अमेरिका में MCneil leboratriesk बका अधिग्रहण किया। बाद में यूरोप में Cliag chemil का भी अधिग्रहण किया। इन दोनों के अधिग्रहण ने कंपनी को फार्मा के क्षेत्र में एक एंपायर के रूप में स्थापित कर दिया। इसके बाद बच्चों के लिए पहला प्रिजब्रेटिब फ्री पेन रिलीवर लॉन्च किया जो कि बहुत हिट रहा ।
Band -Aid की खोज: एक घरेलू समस्या से ग्लोबल प्रोडक्ट तक
Band -Aid का आइडिया कंपनी के एक कर्मचारी की पत्नी की चोट के जुड़ा था ।
अर्ले डिक्सन नाम के एक व्यक्ति जॉन्सन जॉन्सन कंपनी में काम करते थे ।उनकी पत्नी जो सिर्फ सब भी किचन में काम करती थी । तो कई बार उन्हें चोट लग जाती थी ।वह चोट पर तुंरत कपड़े की पट्टी लगा लेती थी। लेकिन बिना प्रॉपर सपोर्ट के कारण पट्टी जल्द ही सड़क जाती थी। इसी से अर्ले डिक्सन को एक आइडिया आया । उन्होंने दबाओ कि ढेर सारी पट्टियों को स्क्वायर में काटा और उसका टैप के ऊपर चिपका दिया ।
कंपनी के मालिक जेम्स बुड ने जब इस बैंडेज के बारे में सुना तो वो भी चौक गए । यह आइडिया कंपनी में सभी को इतना पसंद आया कि इस तर्ज पर कंपनी ने 1920 में के बाद बैंड हेड बनाना शुरू कर दिया । 1920 में band-aid लॉन्च हुआ और jonsan &jonsan के सबसे सफल प्रोडक्हीट में शामिल हो गया । ओर कुछ ही वर्षों में कंपनी के बार्कफोर्स में महिलाओं की भागीदारी 22%तक पहुंच गई।
इसी के चलते अर्ले डिक्सन को कंपनी का बॉयस प्रेसिडेंट बना दिया गया।
Cobid- 19 ओर सिंगल डोज वैक्सीन
कोविड से लड़ने के लिए जॉन्सन एंड जॉन्सन ने जिस सिंगल डोज वैक्सीन का निर्माण किया । उसे अस्पताल भेजे जाने तक फ्रीजर में रखने की जरूरत नहीं थी ।इससे पहले कभी भी वैक्सीन टेस्टिंग ओर उसका निर्माण इतनी तेजी से नहीं हुआ था । Jonsan end jonsan ने कोरोनावायरस से जीन लेकर ह्यूमन ह्यूमन सेल तक पहुंचाने के लिए एडिनो वायरस का इस्तेमाल किया । एडिनोवायरस कम वैक्सीन को को ठंडा रखने होता है जिससे इसको फ्राइडेंज करने की जरूरत नहीं हिमोती थी ।इससे कंपनी ने अमेरिका सरकार के साथ मिलकर तेजी से इसका उत्पादन किया ।
जॉन्सन एंड जॉन्सन की भारत में एंट्री 1947 में हुई थी ।1947 में भारत में टेक बेबी पाउडर को लॉन्च किया ।1957 में सफलता को देखते हुए कंपनी ने 12 कर्मचारियों के साथ अलग अलग यूनिटों की स्थापना की ।1959 में बेबी पाउडर और बैंड एड बनाने के लिए पहली मेन्युफेक्चरिंग यूनिट बम्बई में स्थापित की।
1990 में सेनेटरी नेपकिन स्ट्रेफरी को भारत में लॉन्च किया ।1993 में हेल्थकेयर प्रोफेशनल के लिए मुंबई में पहला शिक्षा संस्थान खोला ।
2015 में टाइप टू डायबिटीज की एक नई दबा लॉन्च की। ,2023 में टेक बेबी पाउडर को बंद करने का आदेश दिया गया।
बेबी पाउडर बंद होने के बावजूद भी कंपनी का रेवेन्यू सबसे बड़ी फॉर्मा कंपनी में से एक बना हुआ है । 2025 में कंपनी का रेवेन्यू 95 बिलियन डॉलर था । बही कंपनी का मार्केट 34 लाख करोड़ था ।
मार्केट कैप और ग्रोथ
पिछले कुछ वर्षों में जॉन्सन एंड जॉन्सन का मार्केट कैप।
2018: ₹27 लाख करोड़, 2019: ₹30 लाख करोड़, 2020 : ₹32 लाख करोड़, 2021: ₹55 लाख करोड़ , 2022 : ₹34 लाख करोड़ रहा
2021 में कंपनी का रेवेन्यू करीब 93.बिलियन डॉलर रहा ।लेकिन 2022 में बेबी पाउडर के बंद होने की घोषणा के कारण मार्केटकैप में तेजी से गिरावट देखने को मिली ।
विवाद ओर चुनौतियां
Jonsan end jonsan success story, जहां एक ओर कंपनी को 2 013 में वर्किंग जी ने जॉनसन एंड जॉनसन को ब्रेकिंग मोटर्स के लिए सर्वश्रेष्ठ कंपनी से एक बताया था। 2022 मैं कंपनी ने महिलाओं द्वारा तैयार लगभग 30000 के ज्यादा मुकदमा का सामना किया । इसी बजह से कंपनी ने अमेरिका और कनाडा में इस प्रोडक्ट को बंद कर दिया ओर कॉर्नस्टार्च बेस्ट पाउडर की ओर शिफ्ट किया।
Jonsan end jonsan success story , हमे सिखाती है कि छोटी शुरुआत , सही सोच , इनोवेशन ओर सामाजिक जिम्मेदारी के साथकोई भी कंपनी वैश्विक स्तर पर पहचान बना सकती है।thanks,
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