Himalaya wellness success story : मां के कंगन बेचकर शुरू की हिमालय आज 100+देशों में कारोबार

Himalaya wellness Success Story – कैसे मोहम्मद मनाल ने मां के कंगन गिरवी रखकर देहरादून से 100+ देशों में फैली आयुर्वेदिक कंपनी खड़ी की।
₹2 वाली महीने किराए वाली बिल्डिंग में रिसर्च पागल हाथियों को देखकर आया आइडिया ।
1930 में जब भारत आजादी की लड़ाई लड़ रहा था ओर महात्मा गांधी के नेतृत्व में असहयोग आंदोलन चल रहा था। इस दौरान एक युवा व्यक्ति अपने जीवन का सबसे बड़ा सपना देख रहा था । यह कहानी है HIMALAYA WELLENEES कम्पनी के संस्थापक मोहब्बत मनाल की ,जिन्होंने अपनी मां के कंगन गिरवी रखकर एक आयुर्वेदिक कंपनी की नींव रखी । आज वही कंपनी 100 से जायदा देशों में अपने हर्बल प्रोडक्मेंट बेच रही है ।
जंगल में मिला आइडिया जिसने बदल दी किस्मत
Himalaya wellness success story: 1930 के दशक में हिमालय कंपनी के फाउंडर मोहम्मद मनाल काम के सिलसिले में भारत से बर्मा गए थे। घूमते घूमते वह वर्मा के जंगलों में पहुंच गए । वहां उन्होंने कुछ उग्र ओर बेकाबू हाथियों को देखा जो खूब उधम मचा रहे थे।
इन भड़के हुए जंगली हाथियों को कंट्रोल करने के लिए स्थानीय लोगों ने कोई जड़ी बूटी खिलाई इसके बाद हाथी बिल्कुल शांत हो गए। मोहम्मद मनाल आयुर्वेद की ताकत से बहुत प्रभावित हुए । उनके दिमाग में एक सवाल आया । यही सवाल हिमालय कंपनी की नींव बना । मनाल ने आयुर्वेदिक की दुनिया में क्रांति लाने का मन बना लिया।
आज हिमालय ड्रग कंपनी 100 से ज्यादा देशों में हर्बल प्रोडक्ट बेचते हैं। 94 साल पुरानी इस कंपनी का कारोबार एशिया, यूरोप अमेरिका, मध्य एशिया और अफ्रीका में फैला है।
मां के कंगन गिरवी रखकर शुरुआत की।
मोहम्मद मनाल ने हाथियों पर इस्तेमाल की जड़ी बूटी का नाम वर्मा के लोगों से पूछा । पता चला कि जो जड़ी बूटियां वर्मा के जंगलों में हाथियों को खिलाई गई थी । उसका नाम राउबोल्फिया सर्पेटाइना ( सर्पगंधा ) थी। जब मनाल भारत छोड़कर आए तो उन जड़ी बूटियां का असर इंसान पर कैसा रहेगा। इसकी रिसर्च में लग गए । वह वैज्ञानिक प्रमाण की तलाश में थे, कि इस विशेष पौधे का इतना शांत और लाभकारी प्रभाव कैसे हुआ ।
इस रिसर्च के लिए उन्हें पैसों की जरूरत थी। उन्होंने अपनी मां से बात की मां ने कंगन गिरवी रखने को कहा । 1930 में देहरादून में हिमालय ड्रग कंपनी की नींव रखी । कंपनी का नाम 2022 में हिमालय वेलनेस कंपनी कर दिया गया ।
₹2 प्रति महीने किराए वाले मकान से शुरुआत
हिमालय की शुरुआत देहरादून के इनामुल्ला बिल्डिंग से हुई थी। यहां मोहब्बत मनाल ने एक कमरा ₹2 प्रति माह किराए पर लिया । मनाल ने टेबलेट कंप्रेशन मशीन खरीद कर अपनी रिसर्च ओर आयुर्वेदिक गोलियां बनाने के काम पर लग गए । उस दौरान मोहम्मद मनाल राउबोल्फिया सर्पेटाइना का इस्तेमाल कर एक रात में 100 गोलियां ही बना पाए थे। उनके हाथों में दर्द होता था। लेकिन वे रुकते नहीं थे। उनकी मेहनत रंग लाई और 1934 में हिमालय ने अपनी पहली दवा लॉन्च की। जो दुनिया की पहली एंटी हाइपरटेंशन दवा थी ।
LIV 52 – जिसने बदल दी कंपनी की किस्मत

कंपनी ने अपनी लॉन्चिंग के 25 साल बाद LIV 52 नाम का एक सिरप लॉन्च किया। यह लीवर के लिए आयुर्वेदिक टॉनिक था । देखते-देखते यह भारत की सबसे ज्यादा बिकने वाली आयुर्वेदिक दवा बन गई। इस दबा ने हिमालय कंपनी को एक नहीं पहचान दिलाई । आज LIV 52 हिमालय का सिग्नेचर ब्रांड बन चुका है । यह भारत के टॉप 10 बिकने वाली दवाओं से एक है । मौजूदा समय 25 से अधिक देशों में यह दवाई रजिस्टर्ड है ।
नेहरू ओर रूस की कहानी
1950 में जब भारत के प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू रूस की यात्रा पर गए थे तो उन्हें पता चला कि वहां के लोग भारत को तीन चीजों से जानते है । हिमालय ड्रग, राज कपूर ओर भारतीय संस्कृति : यह किसी भी भारतीय कंपनी के लिए गर्व की बात थी ।
कंपनी का हीरो प्रोडक्ट – नीम फेस वॉश
हिमालय मार्केट में फार्मास्यूटिकल से लेकर पर्सनल केयर कई केटेगिरी में कम करती है । कंपनी के पास 290 से अधिक रिसर्च है । जो आयुर्वेदिक जड़ी बूटियां और मिनरल्स पर काम करते हैं। हिमालय का सबसे ज्यादा रेवेन्यू फेस वॉश से आता है । भारत में हर चार में से एक फेस वॉश हिमालय का है । हिमालय नीम फेस वॉश का मार्केट कैप 24%है। कंपनी के सभी फेस वॉश में से 80% रेवेन्यू इसी नीम फेसवॉश से आता है।
कंपनी का बिजनेस मॉडल ओर रेवेन्यू
हिमालय ने 2017 में 2200 करोड़ का कारोबार किया था। जिससे 45% पर्सनल केयर, 30% फार्मास्यूटिकल, 17% बेबी केयर और 4% एनिमल वेलनेस केटेगरी से आया है । मौजूदा समय में कंपनी का रेवेन्यू 80 करोड़ है । कंपनी का 50% रेवेन्यू विदेशों से आता है ।
2022 का हलाल विवाद
2022 में हिमालय कंपनी हलाल के मुद्दे पर विवाद में घिर गई थी। उस पर सोशल मीडिया पर एक फोटो वायरल हुई जिसमें कंपनी ने हलाल नीति को मानने की बात की थी । लोगों ने हलाल शब्द को देखकर इसे मास से जोड़ दिया था। बॉलीवुड एक्टर परेश रावल सहित हजार लोगों ने सोशल मीडिया पर हिमालय को बॉय कट करने की मुहिम चलाई थी । हालांकि कंपनी ने अपने प्रोडक्ट को मांस के इस्तेमाल से पूरी तरह खारिज कर दिया । कंपनी ने स्पष्ट किया कि हमारे किसी प्रोडक्ट में मांस का इस्तेमाल नहीं होता है ।
हिमालय वेलनेस का वैश्विक बिस्तर
1930 में देहरादून में अपना पहला ऑफिस खोला ।
1960 में मुंबई की अंधेरी में फैक्ट्री की नींव रखी।
1975 में कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में विश्व स्तरीय मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी शुरू की।
1996 अमेरिका के टेक्सास में पहला इंटरनेशनल ऑफिस खोला।
2000 में दुबई में हिमालय का ऑफिस खुला।
2003 में कंपनी ने सिंगापुर में पहला ऑफिस खोला।
2006 में यूरोप के पोलैंड और लातविया में ऑफिस खोला । 2023 में संयुक्त अमीरात में अपना पहला मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने के लिए दुबई इंडस्ट्रियल सिटी के साथ अनुबंध किया । https://en.wikipedia.org/wiki/Himalaya_Wellness_Company
आज हिमालय का कारोबार एशिया ,अफ्रीका ,यूरोप ओर अमेरिका में फैला है ।
हिमालय प्रोडक्ट की केटेगिरी।

पर्सनल केयर ,हर्बल मेडिसिन ,आयुर्वैदिक दवाएं, न्यूट्रास्यूटिकल, ,एनिमल केयर ,बेबी केयर। आज कंपनी के पास 290 रिसर्च है जो जड़ी बूटियों ओर मिनरल्स पर कम करती है । BYD Success story : भाई से उधार लेकर शुरू की अब टेस्ला को टक्कर की तैयारी
Himalaya wellness success story , हमे सिखाती है कि बड़े सपनों के लिए अपने ऊपर विश्वास होना जरूरी है । कठिन रास्ते ही अक्सर खूबसूरत मंज़िलों तक ले जाते हैं।
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