Biography

Vijay Mallya: success se failur tk

Vijay Mallya: किंगफिशर की कहानी success से failur तक

विजय माल्या की किंगफिशर की कहानी – 1857 से शुरू हुआ बियर ब्रांड, एयरलाइन साम्राज्य, करोड़ों का कर्ज और भारत का सबसे चर्चित बिजनेस पतन।

Overview

वह कंपनी जिसके  2016 तक मालिक रहे vijay Mallya अपनी चमक धमक वाली जिंदगी के लिए जाने जाते  थे । वही विजय माल्या जो कभी  “द मैन ऑफ गुड टाइम्स” कहे जाते थे । 2008  में vijay Mallya लगभग 72 अरब रुपए की संपत्ति के साथ  विश्व के 962 वे सबसे  धनी व्यक्ति में शामिल थे ।

इसी समय vijay mallya भारत में 42 बे सबसे धनी लोगों में शामिल  थे । जिनका समय पिछले कुछ सालों से खराब चल रहा है । किसी वक्त वे एयरलाइन ओर बेवरेज कंपनी के मालिक थे । लेकिन आज यह कंपनी केवल  बेवरेज के बाजार में ही अपनी धमक के साथ मौजूद बची है ।

कभी बैलगाड़ी पर लादकर बियर पहुंचाई , फिर उसी के प्रचार के लिए  खोली एयरलाइन। आज किंगफिशर मार्केट कैप 37800 करोड़ ,भारत में किंगफिशर बियर का मार्केट शेयर  34 %आज ब्रांड 52 देशों में मौजूद है।

“फ्लाई द गुड टाइम्स “ओर “द टेस्ट ऑफ रियल इंडिया” । ये दो टैगलाइन अलग अलग है लेकिन कंपनी एक ही है । ओर  प्रोडक्ट भी अलग-अलग है एक प्रोडक्ट एयरलाइन और दूसरा बेवरेज है । एयरलाइन जो 20 अक्टूबर 2020 को बंद की हो गई थी । बियर जो अब भी भारतीय बाजार में 34% से ज्यादा  हिस्सेदारी के साथ टॉप पर मौजूद है ।  कंपनी का नाम है किंगफिशर ।

सफलता की कहानी में बात करेंगे किंगफिशर कंपनी ओर भारत के बैंकों के साथ 9000 करोड़ का  घोटाला करने वाले विजय माल्या के बारे में ,

1857 में बीयर बनाने से शुरू हुआ सफर।

आज  जिस किंगफिशर बियर को हम जानते हैं वह यूनाइटेड ब्यूरिज ग्रुप  का हिस्सा  है । 1915 में दक्षिण भारत में पांच डिस्टलरीज यानी  शराब  बनाने की भट्ठियों  पत्तियों को मिलाकर इस ग्रुप को एस्कॉर्ट में थॉमस  लिस्मैन नाम के व्यक्ति ने बनाया था।  इन 5 डिस्टलरीज में कौशल शराब भट्टी 1857 में बनी सबसे पुरानी थी ।

उस समय कुछ ही सालों में यह काम चल पड़ा था।  बैलगाड़ी पर बड़े-बड़े गैलन लादकर लोगों के घरों तक बियर पहुंचाई जाने लगी ।  तब उसके ज्यादातर ग्राहक  भारत में रहने वाले अंग्रेज थे।  मद्रास, बेंगलुरु और निलगिरी में रहने वाले ब्रिटिश  सैनिकों के लिए यही ग्रुप  बीयर की सप्लाई करता था । जल्दी  ही इस बियर का स्वाद लोगो की जुबान पर  चढ़ने लगा था ।

1947 में एक भारतीय ने खरीद ली कंपनी

Vijay Mallaya के पिता विट्ठल माल्या ने  1946 में यूनाइटेड  ब्यूरिज ग्रुप के कुछ शेयर खरीद लिए।  उस  समय वह देश की सबसे  बड़े  बिजनेसमैन लोगो में शुमार थे ।  अगले साल 1947 में उन्होंने पूरी  कंपनी  को ही खरीद लिया । 1948 में वह कंपनी के पहले भारतीय चेयरमैन  बने।  1950 में बेंगलुरु में इसका हेड क्वार्टर बनाया गया । विट्ठल माल्या ने  धीरे-धीरे देश भर में पहली छोटी-छोटी शराब की भट्टी और उनके भंडारों का अधिग्रहण  करना शुरू किया।  1969 से लेकर 1973 तक केरल आंध्रप्रदेश ,   हैदराबाद ,गोवा ओर  बिहार जैसे राज्यों में शराब बनाने की  फैक्ट्री बनाना शुरू किया ।

1978 : किंगफिशर बियर का जन्म

1970 के दशक में बिट्ठल माल्या ने कारोबार  को दूसरी  इंडस्ट्री  में बढ़ाना चालू किया ।  पॉलीमर ,बैटरी ,फूड और बेवरेज में कारोबार फैलाया ।  इस बजट कंपनी की   नेटवर्थ र 300 करोड रुपए थी।  लेकिन 1983 में विट्ठल माल्या की  मृत्यु  हो गई ।

उस समय उनके बेटे vijay Mallya की  उम्र 28 साल थी । अब पिता की पूरी  व्यवसायिक विरासत विजय माल्या के पास आ गई थी । बेटे ने भी  कारोबार  बढ़ाने के लिए दूसरे कारोबार में अपना हाथ आजमाना  शुरू किया । इनमें  केमिकल, इंजीनियरिंग ,न्यूज़ पेपर ओर  बॉलीवुड मैगजीन शामिल था ।

लेकिन vijay Mallya को इन बिज़नेसो में बेसी सफलता नहीं मिला जैसी उन्हें  उम्मीद थी ,पर के उनका बियर का बिजनेस चल पड़ा था । 1978 में यूनाइटेड ब्यूरिज इसके अंब्रेला में किंगफिशर प्रीमियम नाम से बियर  का सेल शुरू किया ।

बियर की मार्केटिंग के लिए किंगफिशर कैलेंडर शुरू किया।  आईपीएल टीम से लेकर फॉर्मूला वन टीम खरीदना हो या एयरलाइंस शुरू किया। इन सबको  किंगफिशर के एक्सटेंडर मार्केटिंग स्ट्रेटजी की तरह देखा गया । आईपीएल में किंगफिशर का ऐड तो लोगो की जुबान  पर चढ़ गया था ।  क्रिएटिव एजेंसी से वंडरमैन थॉमसन के ज़े वॉल्टर थॉमसन ने  एक धुन  , उ  ला ला ला ले ओ , बनाई । इसमें धोनी से लेकर विराट कोहली और क्रिस गेल जैसे क्रिकेटर नाचते  झूमते नजर आते थे ।

किंगफिशर कैलेंडर शुरू करना आईपीएल टीम और फॉर्मूला वन टीम खरीदना भी इसके मार्केटिंग स्ट्रेटजी का हिस्सा था।  इन सभी में फन ओर  गुड टाइम को प्रमोशन का बेस्ट रखा गया था।

किंगफिशर एयरलाइन की शुरुआत

किंगफिशर एयरलाइन बनाने  की घोषणा 2003 में  की गई थी।  लेकिन इस एयरलाइन के ऑपरेशन 2005 से  शुरू हुआ । इसकी भी पैरंट कंपनी यूनाइटेड ब्रूअरिज ही  थी।  इस एयरलाइन के शुरू होने में एक बात खास थी  9 मई 2005 को पहली प्लेन ने  ने दिल्ली से मुंबई के लिए उड़ान भरी । और उसके ठीक 1 दिन पहले  विजय माल्या के बेटे  सिद्धार्थ माल्या का 18 वा जन्मदिन था ।

कहा जाता है कि vijay Mallya ने बेटे  सिद्धार्थ को जन्मदिन पर  गिफ्ट के रूप में दिया था।  क्योंकि वो सिद्धार्थ की परवरिश नहीं दे पाए । क्योंकि सिद्धार्थ का बचपन इंग्लैड में अपनी मां के साथ बीता। लेकिन आगे चलकर यह गिफ्ट विजय माल्या के लिए मुसीबत खड़ा करने वाला साबित हुआ ।

किंगफिशर एयरलाइंस शुरू करने के पीछे एक मकसद किंगफिशर बियर का एडवर्टाइजमेंट ओर उसका सेल  बढ़ाना भी था । दरअसल 1985 में एडवर्टाइजमेंट स्टैंडर्ड काउंसलिंग ऑफ इंडिया ने एल्कोहल के प्रचार  परिसर पर बैन लगा दिया था।   ऐसे में पहले किंगफिशर ने मिनरल वाटर बनाकर प्रचार किया था।  2005 में अल्कोहल के एड ने  किंगफिशर एरोप्लेन के केबिन में जगह बना ली।  यह एयरलाइन फाइव  स्टार एयर ट्रेवल का दूसरा नाम बन गई।

2007 में एयर डेक्कन एयरलाइन ग्रुप  को किंगफिशर ने मर्ज कर लिया ।  इसके साथ 71 एयरक्राफ्ट की फ्लीट साथ 30% पैसेंजर भी उसके हिस्से में  आ गए । इस साल कंपनी को 1540 करोड रुपए का इनकम हुआ । यह  इस एयरलाइंस के  इतिहास का सबसे  बेहतर प्रदर्शन था।  2000  में विजय माल्या ने आईपीएल टीम भी  खरीदी ली । रॉयल चैलेंजर  बेंगलुरु 2016 तक विजय माल्या के पास ही रही।

किंगफिशर कैलेंडर : सेलिब्रिटी को भी लॉन्च किया ।

2003 में ही vijay Mallya ने किंगफिशर नाम से एक कैलेंडर निकालना शुरू किया ।  इसमें स्विमशूट पहने उसे साल की  सुपर मॉडल की तस्वीर छपती थी । 2010 में सुपर मॉडल को चुनने के लिए एमटीपी पर एक शो की शुरू किया था ।  2021 तक यह कैलेंडर हर  साल छपता  रहा । इसी  कैलेंडर ने विजय माल्या को “द मैन ऑफ गुड्स टाइम्स” इमेज को बनाने में मदद की थी ।

किंगफिशर के सुपर मॉडल

कैटरीना कैफ –  2003

सिंडी विशन –    2005

दीपिका पादुकोण- 2006

नर्गिस फाखरी –  2009

ईशा गुप्ता की –  2010

नोरा फ़तेही –    2017

किंगफिशर एयरलाइंस का पतन

एयरलाइंस 2011 में किंगफिशर  एयरलाइन घाटे  में जाने लगी । इसकी वजह उस  समय 2007 में एयर डेक्कन के अधिग्रहण  को बताया गया।  इस अधिकरण के बाद लगातार 3 सालों में एयरलाइन को करीब 1000 करोड रुपए नुकसान हुआ।  2012 तक हालात इतने खराब हो गए थे कि कुछ  विमानों  की उड़ान रोकने पड़ी थी।  कर्मचारियों को सैलरी मिलनी बंद हो गई । धरना प्रदर्शन होने लगा था।

पहले 2009 में भारत के बाजार में 22.9%  से ज्यादा को हिस्सेदारी आधार के साथ लीड कर रही थी।  2012 में यही है आर्थिक कठिनाइयों का सामना करने लगी।  इनकम घटने लगी और घाटा बढ़ने लगा । लोन का  भी बोझ बढ़ने  लगा।  विजय माल्या इस  मुश्किल से निकलने के लिए बाजार से फंडिंग  नहीं उठा पाए।  और  उनका अपनी सानू शौकत पर पहले की तरह ही खर्च बना रहा है।

2012 के आखिर तक आधी से ज्यादा एयरक्राफ्ट की उड़ान ढप हो गई थी । 20 अक्टूबर को डायरेक्टर जनरल आफ सिविल एविएशन ने लाइसेंस रद्द कर दिया।  फ्लाइट के ऑपरेशंस को लेकर रेगुलेटरी की शर्तों पूरी न करने पर यह कार्रवाई हुई । फरवरी 2013 में इंटरनेशनल फ्लाइंग राइट्स को भी सस्पेंड कर दिया गया । जुलाई 2014 तक करीब 9000 करोड रुपए का लोन नॉन परफॉर्मिंग ऐसेट बन गया । कंपनी ने खुद को बैंक करप्ट घोषित कर दिया ।

साल 2016 में स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया समेत 13 बैंकों में 9000 करोड रुपए की लोन रिकवरी के लिए डेब्ट  रिकवरी ट्रिब्यूनल में अर्जी लगाई । इसी साल एयरलाइन का प्रमोटर विजय माल्या भारत  छोड़कर इंग्लैंड भाग गया। लियोनेल मेसी :- कैसे बना फुटबॉल का GOAT 

तब से लेकर आज तक भारत की कोर्ट से लेकर यूके की कोर्ट तक उसके प्रत्यावर्तन को लेकर मामले चल रहे हैं । 2021 में डेब्ट  ट्रिब्यूनल ने यूनाइटेड ब्रूअरिज में vijay Mallya के 39 मिलियन शेयर को हेनिकेन एनबी को  ₹5824 करोड़ में  बेच दिया । इस  तरह भारत में किंगफिशर वियर बनाने वाली  यूवी ग्रुप यूरोपीय कंपनी हेनिकेन के अंडर चली गई ।

विजय माल्या : शुरू से अंत तक 

1978 में यूनाइटेड ब्रूअरिज   कंपनी के अंडर किंगफिशर प्रीमियम नाम से बियर कंपनी लॉन्च की।

1983 में 40 साल की उम्र में यूनाइटेड बुअरिज ग्रुप  के चेयरमैन  बने। 2005 में किंगफिशर एयरलाइंस लॉन्च की ।

2007 फोर्स इंडिया नाम की  फॉर्मूला वन टीम खरीदी ।

2008 इंडियन प्रीमियर लीग आईपीएल में रॉयल चैलेंजर  बेंगलुरु  टीम खरीदी।  Vijay Mallya ऑर्केस्ट्रा पार्टी  करने के लिए लिए मशहूर था।  इसमें करोड रुपए खर्च कर देश विदेश से कलाकारों को बुलाया जाता था । विजय माल्या गोवा मैं होने वाली बड़ी विच पार्टी के लिए भी मशहूर था।  जन्मदिन से लेकर जश्न के मौके पर यहां पार्टी किया करता था । यही शानो शौकत अंत में उसे बर्बादी को तरफ ले  गई।

Vijay Mallya: किसका कितना कर्ज 

SBI -150 करोड़ ,आईडीबीआई बैंक – 720 करोड़ ,बैंक ओर बड़ौदा – 530 करोड़ ,पीएनबी – 435 करोड़ ,बैंक ऑफ इंडिया- 575 करोड़, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया – 359 करोड़, कॉपरेशन बैंक – 150 करोड़ फेडरल बैंक का  80 करोड़ बकाया है। https://en.wikipedia.org/wiki/Vijay_Mallya

Vijay Mallya कहानी हमे सिखाती ही की हमे हमेशा अपने कर्ज ओर बिजनेस में संतुलन रखना चाहिए ।

अगर आपको हमारी कहानी पसंद आती है तो हमे अपना फीडबैक जरूर दे । हम आपके लिए हमेशा तैयार है । Thanks 🙏

safltakikhani@gmail.com

View Comments

Recent Posts

अनिल अग्रवाल : कबाड़ से मेटल किंग तक का सफर

अनिल अग्रवाल : कबाड़ से मेटल किंग तक का सफर    जानिए कैसे बिहार के…

17 hours ago

Warren Buffett: 97 लाख करोड़ का साम्राज्य

Warren Buffett: अखबार बेचने से  शुरूआत अब 97 लाख करोड़ का साम्राज्य Warren Buffet: अखबार…

3 days ago

Samsung success story hindi : सैमसंग कंपनी का इतिहास, संघर्ष ओर सफलता की पूरी कहानी

Samsung success story hindi : सैमसंग कंपनी का इतिहास, संघर्ष ओर सफलता की पूरी कहानी …

6 days ago

T-Series :  फ्लॉप से youtube किंग तक

Gulshan Kumar Success Story: T-Series का सफर फ्लॉप से यूट्यूब किंग तक ज्यूस बेचने वाले…

1 week ago

लियोनेल मेसी :- कैसे बना फुटबॉल का GOAT

लियोनेल मेसी :- कैसे बना फुटबॉल का GOAT  लियोनेल मेसी: छोटे कद और गंभीर बीमारी…

2 weeks ago

Elon musk success story hindi :   संपत्ति, पाकिस्तान , श्रीलंका, नेपाल की जीडीपी से ज्यादा

Elon musk success story hindi :   संपत्ति, पाकिस्तान , श्रीलंका, नेपाल की जीडीपी से ज्यादा …

2 weeks ago