Samsung success story hindi : सैमसंग कंपनी का इतिहास, संघर्ष ओर सफलता की पूरी कहानी

Samsung Success Story Hindi – जानिए सैमसंग कंपनी की शुरुआत कैसे हुई, इसके संघर्ष, इतिहास, बिज़नेस मॉडल और दुनिया की टॉप टेक कंपनी बनने की पूरी कहानी।
आज के समय में जब भी स्मार्टफोन, टीवी या इलेक्ट्रॉनिक्स की बात होती है, तो सबसे पहले Samsung का नाम दिमाग में आता है। सैमसंग आज सिर्फ एक मोबाइल कंपनी नहीं, बल्कि एक ग्लोबल टेक्नोलॉजी ब्रांड बन चुका है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह विशाल कंपनी कभी एक छोटे से व्यापार से शुरू हुई थी?इस कहानी में हम विस्तार से जानेंगे कि सैमसंग कंपनी की शुरुआत कैसे हुई, किन मुश्किलों का सामना करना पड़ा और कैसे यह दुनिया की टॉप इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों में शामिल हुई।
कोरियन भाषा में samsung का मतलब 3 स्टार्स होता है । क्योंकि कोरियन संस्कृति में तीन को काफी बिग और पॉपुलर नंबर माना जाता है । ओर यह शक्ति ओर सफलता का प्रतीक माना जाता है। जो आज सैमसंग कंपनी को डिफाइन करता हैं। सैमसंग वही कंपनी है ,जिसने दुनिया को पहले फोल्डेबल फोन और पहले कर्व्ड टीवी दिया। सैमसंग इनोवेशन का इतना बड़ा किंग है कि एप्पल अपने आईफोन के लिए रेटिना डिस्प्ले उसी से लेता है।
सफलता की कहानी में आज हम बात करेंगे मोबाइल , टीवी और फ्रिज से लेकर बुर्ज खलीफा तक बनाने वाले सैमसंग के बारे में,
Samsung की शुरुआत कैसे हुई ?
Samsung success story hindi : सैमसंग की शुरूआत ड्राई फिश, ग्रोसरी और नूडल्स बेचने से हुई थी । जिसकी नींव साउथ कोरिया में 1 मार्च 1938 को लीं ब्यूंग चुल ने रखी थी। कंपनी की शुरुआत हुई तब कंपनी में सिर्फ 40 कर्मचारी काम करते थे । और यह कंपनी उस वक्त ड्राई फिश ,ग्रोसरी और नूडल्स का बिजनेस करती थी । जैसे-जैसे कंपनी आगे बढ़ी तो इसके अपने आपको और क्षेत्र में विकसित किया। 30 सालों के अंदर साउथ कोरिया के मार्केट कैप में सैमसंग खुद को इंश्योरेंस, रिटेल और सिक्योरिटी जैसे बिजनेस में स्थापित कर दिया।
Samsung: इलेक्ट्रॉनिक मार्केट में पहला कदम
1969 में कंपनी ने पहली बार इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में कदम रखा। 1970 में पहला ब्लैक एंड वाइट P- 3202 टेलीविजन सेट लॉन्च किया । इसके बाद सैमसंग ने फ्रिज ,एयर कंडीशनर, वाशिंग मशीन , बीसीआर ,कैमरा जैसे बहुत से इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट लॉन्च किया ।
सैमसंग: मोटरोला से लिया सबक
1983 ये वो साल था ,जब सैमसंग ने टेलीकम्युनिकेशन के क्षेत्र में अपना पहला कदम बढ़ाया। फिर ठीक 3 साल बाद 1986 में पहला बिल्ट इन कार फोन SC – 100 लॉन्च किया, जो बुरी तरह से फ्लॉप रहा। इस प्रोडक्ट की असफलता के बाद कंपनी ने काफी रिसर्च के बाद 1988 में SH – 100 नाम का फोन लॉन्च किया लेकिन यह भी असफल रहा। यह वो समय था जब मार्केट में मोटोरोला ही एक ऐसा ब्रांड था जिसने मोबाइल फोन दुनिया भर में बिकते थे।
मोटरोला से सबक सीकर 7 जून 1993 को सैमसंग के सीईओ ने 200 अधिकारियों के साथ बैठक रखी । लोगों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए अगले साल से में मोटोरोला जैसा फोन बनाने का फैसला लिया। फिर नवंबर 1993 में SH – 700 मॉडल का फोन आया जिसको लोगों ने खूब पसंद किया ।
सैमसंग : पहला सफल फोन ,कमियां ओर फोन को जलाना
Samsung success story hindi: SH -700 फोन सैमसंग का पहला सफल फोन था । इस फोन को बहुत बारीकी से चेक कर मार्केट में उतारा गया था । मार्केट में उतारने के बाद जितने भी फोन में कमियां दिखी उसे कर्मचारियों के सामने जला दिया गया। ऐसा इसलिए किया गया ताकि कर्मचारियों के स्तर तक सीधा संदेश पहुंचे कि फोन में कोई भी कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी । आगे SH -700 में कुछ बदलाव कर अक्टूबर 1994 में एक अपग्रेड वर्जन SH- 770 को लांच किया और इस फोन के बाद से सैमसंग एक सफल मोबाइल फोन कंपनी के रूप में स्थापित हो गई ।
सैमसंग की भारत में शुरुआत
भारत में सैमसंग का एक दिलचस्प इतिहास रहा है कंपनी की धीमी ग्रोथ से परेशान उसके मालिक ली ब्यूंग चुल ने 1993 में दुनिया का दौरा करने के बाद जर्मनी में एक ऐतिहासिक भाषण दिया । भाषण की सबसे अहम लाइन थी कि सब कुछ बदल डालो सिवाय अपनी पत्नी और बच्चों के । उसके तीन साल बाद 1996 में सैमसंग ने नोएडा में अपना पहला प्लांट खोलकर टीवी बनाना शुरू किया । साल 2005 में उसी प्लांट में मोबाइल फोन बनाना शुरू किया। आज भी दुनिया में सैमसंग की 22 % हिस्सेदारी है।
भारतीय बाजार में सैमसंग मोबाइल फोन की एंट्री 1996 से लेकर 1998 तक सैमसंग ने CDMA की और अपने कदम बढ़ा लिए थे । अपनी अच्छी सर्विस से सैमसंग ने दुनिया में खूब नाम कमाया । उस वक्त CDMA के मार्केट में 57% पर अपना कब्जा कर लिया। वर्ष 2000 तक सैमसंग दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक बन चुकी थी ।
वैसे तो भारत में सैमसंग का सफर 1995 शुरू हो गया था । लेकिन कंपनी ने भारत के मार्केट में अपना सबसे पहला फोन 2004 में लॉन्च किया था । हालांकि उस दौर में सैमसंग का भारतीय मार्केट में टिका रहना काफी मुश्किल था । उस वक्त भारत में नोकिया का नोकिया फोन का दबदबा था लेकिन अपने दमदार और स्टाइलिश मोबाइल फोन के कारण सैमसंग में इंडियन मार्केट में अपनी जगह बनाना शुरू किया ।

भारत में 2010 के बाद सैमसंग का भी पीछे नहीं देखा भारतीय फोन मार्केट में सैमसंग का शुरुआती समय कुछ खास नहीं था लेकिन 2010 में के बाद सैमसंग ने जब गैलेक्सी S लांच किया तो सिर्फ भारत ही नहीं दुनिया भर में धूम मच गई।
यह फोन दुनिया में सबसे अधिक पसंदीदा और सबसे ज्यादा बिकने वाले फोन की लिस्ट में शामिल हुआ। फिर 2011 में आए गैलेक्सी नोट के साथ सैमसंग सफलता के शिखर पर पहुंच गया फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा । देखते ही देखते सैमसंग दुनिया का सबसे बड़ा स्माटफोन ब्रांड बन गया । आज एप्पल के बाद दूसरी सबसे बड़ी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी सैमसंग ही है ।
एप्पल और सैमसंग का रिश्ता
साल 1983 से सैमसंग और एप्पल के साथ आने की कहानी शुरू होती है । इसी साल स्टीव जॉब्स ने टैबलेट कंप्यूटर में लगने वाले डिस्प्ले और मेमोरी चिप्स की तलाश में सैमसंग का दौरा किया । इस दौरे के बाद सैमसंग ने एप्पल को डिस्प्ले और चिप्स बनाकर देना शुरू किया । इनका उपयोग एप्पल ने आईफोन और आईपैड में किया।
लगभग दो दशकों तक एप्पल ओर सैमसंग ने साथ मिलकर काम किया। लेकिन 2011 में दोनों के बीच पेटेंट की लड़ाई शुरू हुई। क्योंकि एप्पल ने दावा किया कि सैमसंग ने आईफोन की नकल की है । उसको लेकर लंबे समय तक मुकदमा ओर सुनने का दौर चला। इस दौड़ का अंत 2018 में हुआ।
जिसमें सैमसंग द्वारा एप्पल को 4000 करोड रुपए दिए गए। वैसे आज भी दोनों कंपनियों के बीच मुकदमे की दौड़ चल रही है । इसलिए दुनिया इन दोनों कंपनियों को” frenemies” के नाम पर संबोधित करती है इसका अर्थ है ये आपस में दोस्त भी है और दुश्मन भी ।
साल 2016 में सैमसंग गैलेक्सी नोट 7 स्मार्टफोन में ब्लास्ट के कई मामले सामने हुए थे। साथ ही फोन में ओवरहीटिंग की समस्या आ रही थी । ऐसे में शुरुआत में कंपनी ने फोन वापस मांगे लेकिन जब ब्लास्ट रेटिंग की समस्या दूर नहीं तो सैमसंग ने फोन को हमेशा के लिए बंद कर दिया । गैलेक्सी नोट 7 ब्लास्ट का एक मामला एयरपोर्ट हुआ था ।
इसके बाद फोन को फ्लाइट में ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। इस घटना के बाद गैलेक्सी नोट 7 स्मार्टफोन की बिक्री में जोरदार गिरावट दर्ज की गई थी । अपनी खराब होती इमेज को बचाने के लिए स्मार्टफोन को हमेशा के लिए बंद कर दिया गया। इस घटना से सैमसंग कंपनी को साल 2016 की तीसरी तिमाही में करीब 15375 करोड रुपए का नुकसान झेलना पड़ा था । लेकिन आज कंपनी का मार्केटकेप ₹21 लाख करोड़ है ।
सैमसंग इंडिया के आज देश भर में करीब 2000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव ब्रांड स्टोर है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सैमसंग का एक ब्रांड स्टोर समुद्री सतह से करीब 3500 मीटर की ऊंचाई पर बसे लेह में भी है। उसे साल 2016 में शुरू किया है यह देश में सबसे ऊंचाई पर बना पहला मोबाइल स्टोर है। https://en.wikipedia.org/wiki/Samsung
मोबाइल बनाने के अलावा सैमसंग ने कुछ अनोखे काम भी है । जैसे बुर्ज खलीफा सैमसंग की कंस्ट्रक्शन डिविजन ने साल 2008 में तैयार किया था । इसकी ऊंचाई करीब 2722 फीट है । सैमसंग टेक्बीन ने K 9 थंडर टैंक्स साउथ कोरिया मिलिट्री के लिए तैयार किए थे। साउथ कोरिया की राजधानी सियोल में मौजूद सैमसंग मेडिकल स्टोर सेंटर भी है। क्वालिटी और कस्टमर ट्रस्ट सबसे बड़ा एसेट हैT-Series : फ्लॉप से youtube किंग तक
Samsung Success Story hindi हमें सिखाती है कि सही सोच, धैर्य और निरंतर मेहनत से कोई भी कंपनी वैश्विक ब्रांड बन सकती है। भले ही शुरुआत छोटे स्तर से ही हो लेकिन समय के साथ खुद को बदला बहुत जरूरी है। आज सैमसंग एक छोटे व्यापार से शुरू होकर दुनिया की सबसे भरोसेमंद टेक कंपनियों में गिनी जाती है। यह कहानी हर उस व्यक्ति और स्टार्टअप के लिए प्रेरणा है जो बड़े सपने देखता है।
ऐसी ही स्टोरी के लिए SafltakiKahani के जुड़े रहे। thanks 🙏
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