Coca cola success story in hindi : 27 लाख करोड़ का मार्केटकेप

Coca cola success story in hindi : ठंडा मतलब कोका-कोला विज्ञापन की दुनिया में इस टैग लाइन से जिस कंपनी ने सॉफ्ट ड्रिंक के मार्केट पर कब्जा किया है। कोका-कोला सॉफ्ट ड्रिंक की दुनिया की किंग है।
200 से ज्यादा देशों में कंपनी अपने 200 से ज्यादा ब्रांड बेचती है।ओर कोका कोला हर दिन दुनिया में करीब 2 अरब बोतले सेल करती है । कोका कोला सॉफ्टड्रिंक की दुनिया में सबसे जायदा प्रॉफिट करने बाली कंपनी के साथ दुनिया की सबसे जायदा प्रदूषण फैलाने वाली कंपनी भी है ।
क्योंकि 2020 में सबसे ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाली कम्पनी का भी रिकॉर्ड भी इसी के नाम है । पर्यावरण के लिए काम करने वाले अमेरिकी एनजीओ की रिपोर्ट के मुताबिक कोका-कोला अपनी पैकेजिंग से ही हर साल 29 लाख टन प्लास्टिक का कचरा दुनिया में फैलती है ।
सफलता की कहानी में आज हम बात करेंगे दुनिया की सभी बड़ी सॉफ्टड्रिंक कंपनी कोका कोला के बारे में,
स्थापना – 1886
मार्केट कैप – 298 बिलियन डॉलर ( 27 लाख करोड़ )
फाउंडर – फार्मासिस्ट जॉन पेंबर्टन
इसमें करीब 80000 कर्मचारी काम करते है
कोका- कोला की शुरुआत –
Coca cola success story in hindi : 136 साल पुरानी कोका-कोला की नींव एक फार्मासिस्ट जॉन पेंबर्टन ने रखी थी। कोका-कोला कंपनी की शुरुआत 1886 में हुई । इसकी वेबसाइट के मुताबिक एक दोपहर फार्मासिस्ट जॉन पेंबर्टन ने अपनी लैब में एक लिक्विड सब्सटेंस तैयार किया। इसे सोडे से बनाया गया था ।जॉन ने कुछ लोगों को इसे पीने के लिए दिया । लोगों को यह काफी पसंद आई। इस तरह कोका-कोला का फार्मूला खोजा गया । आज बोतल में आने वाली कोका-कोला तब ग्लास में सर्व की जाती थी ।
कोका-कोला का नाम एक अकाउंटेंट ने रखा था। पेंबर्टन के वही खाते का हिसाब रखने वाले फ्रैंक रॉबिंसन ने उनके बनाए मिक्सर को “कोका-कोला” नाम दिया । तब से लेकर आज तक यह कोका-कोला के नाम से ही जाना जाता है।
रॉबिंसन का मानना था कि नाम में दो” C” होने कंपनी को फायदा मिलेगा। कोका कोला के पहले साल में रोज इसके सिर्फ 9 क्लास ही बिक पाते थे । आज दुनिया में कोका-कोला की करीब दो अरब से ज्यादा बोतल रोज बिकती है ।
सिर्फ एक सिरप बनाती है कंपनी ,बाकी शुगर पानी कहीं और मिलाया जाता है
Coca cola success story in hindi , कोका कोला 200 से ज्यादा ड्रिंक के लिए सिर्फ कंस्ट्रेंट और सिरप बनाती है। कोका-कोला का यही कंसंट्रेट और सीरप ही एक सीक्रेट है। इसका प्रोडक्शन किस तरह और कहां होता है। यह पिछले 136 सालों से राज है। कंपनी का सहारा मुनाफा इसी कंसंट्रेटेड और सिरप से आता है ।
कोका कोला इस कंसंट्रेट सिरप को बॉटलिंग पार्टनर्स को बेचती है। फिर वे इसमें स्पार्कलिंग वॉटर और स्टिल मिलाने के अलावा ड्रिंक की जरूरत के मुताबिक उसमें स्वीटनर मिलाकर इसे आगे पैकेजिंग के लिए भेजते हैं। और यही अंतिम उत्पाद तैयार होता है ।
कोका कोला के उत्पादों में कोका कोला के अलावा फेंटा , स्प्राइट ,थम्स अप,ओर एल्कोहलिक ड्रिंक भी शामिल है ।
कोका-कोला का फार्मूला आज भी एक सीक्रेट
कोका-कोला के फार्मूले को कंपनी के किसी कर्मचारी, अधिकारी के साथ डिस्क्लोज नहीं किया गया है । अटलांटा के सन ट्रस्ट बैंक में इसकी ओरिजिनल कॉपी रखी गई है। सन ट्रस्ट फार्मूले को कभी शेयर नहीं करें इसके लिए कोका कोला में 48.3 मिलियन शेयर दिए गए हैं। साथ ही सन ट्रस्ट के अधिकारियों को कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर में भी शामिल किया गया है। 1925 में से अटलांटा के बैंक की तिजोरी में सुरक्षित जा रहा है ।
2011 में अमेरिकी कंपनी ने कोका कोला अटलांटा म्यूजियम में गुप्त फार्मूले की तिजोरी को एग्जीबिशन के लिए रखा था । हर साल हजारों लोग इस म्यूजियम को देखने के लिए आते हैं ।
कोका कोला स्पेस में भी पहुंची
Coca cola success story in hindi ,कोका कोला के लिए 1980 का दशक काफी अच्छा रहा । क्योंकि कंपनी धीरे धीरे विकसित हो रही थी । इसी दौरान कोका कोला ने कोक नाम से स्पेस में पीने लायक पहली सॉफ्ट ड्रिंक बनाई ।
1985 में जब स्पेस में एस्ट्रोनॉड गए तो उन्होंने कोका कोला के स्पेस केन से फिजी ड्रिंक पिया ।
कोका-कोला की भारत में एंट्री
Coca cola success story in hindi ,भारत में कोका कोला की शुरुआत 1956 में हुई थी। भारत में किसी तरह का फॉरेन एक्सचेंज एक्ट नहीं होने के कारण कंपनी को अच्छी ग्रोथ मिली। 1974 में इंदिरा गांधी सरकार ने भारत में फॉरेन एक्सचेंज एक्ट की शुरुआत की। 1977 में कंपनी को एक्ट के मुताबिक कारोबार न करने के चलते भारतीय बाजार को छोड़ना पड़ा था । 1993 उदारीकरण की नीति के चलते कंपनी के दुबारा भारत में कारोबार करने की सरकारी अनुमति मिल गई । इसी के साथ कंपनी की भारत में 2 बार एंट्री हुई थी ।
200 से ज्यादा देशों में बिकने वाली कोक दो देशों में बैन
Coca cola success story in hindi , दुनिया भर में सिर्फ दो देशों में कोका कोला नहीं खरीदी जा सकती है। ये दो देश है “क्यूबा और उत्तर कोरिया ” ऐसा वहां पर अमेरिकी प्रतिबंध की वजह से हुआ है । हालांकि ऐसा भी मीडिया रिपोर्ट है जिसमें यह दावा किया गया है कि उत्तर कोरिया में चोरी से कोक बेची जाती है ।
कोका-कोला की मदद से आगे बड़ा मैकडॉनल्ड
अमेरिका में सबसे बड़ी फास्ट फूड चेन की तलाश में मैकडॉनल्ड के चीफ रे क्रोक कोका-कोला के पास पहुंचे। पहले से ही मार्केट में स्थापित हो सके ब्रांड के साथ साझेदारी बनाने के लिए 1955 में संपर्क किया। इस मुलाकात के बाद इस जोड़ी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। शुरुआती दिनों में मैकडॉनल्ड’ अपना काम करने के लिए कोका-कोला के ऑफिस का इस्तेमाल करता था । आज मैकडॉनल्ड कोका-कोला का सबसे बड़ा ग्राहक है ।
कोका-कोला का विरोध
कोका कोला को कई देशों के विरोध का भी सामना करना पड़ा । इसमें कोका-कोला को सेहत के लिए हानिकारक बताया गया। सबसे पहले फ्रांस ने 1950 दशक में कोका-कोला को “कोका कॉलोनाइजेशन” का नाम दिया। कोका-कोला के ट्रैक भी पलट दिए और बोतल ही तोड़ दी।
साल 1989 में जब बर्लिन की दीवार गिरी तो पूर्वी जर्मनी में रहने वाले कई लोग अपने साथ कोका-कोला लेकर आए । तब से वहां कोका कोला पीना आजादी का प्रतीक बन गया ।
सोवियत संघ के अलावा जिन क्षेत्र में कोका-कोला को संघर्ष करना पड़ा । वो मध्य – पूर्व । यहां अरब लीग ने इसका बहिष्कार कर रखा था। क्योंकि इजराइल में इसकी बिक्री होती थी।
साल 2003 में इराक पर अमेरिका कार्रवाई की विरोध में थाईलैंड में लोगों ने सड़कों पर कोका-कोला बहाया । और कुछ वक्त के लिए इसकी बिक्री भी रोक दी थी ।
ईरान के पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनजाद ने भी कोका कोला पर पाबंदी लगाने की धमकी थी । इन सब विरोधो के बावजूद भी कोका कोला आज भी मार्केट में ब्रांड बनी हुई है । MRF SUCCESS STORY : 42000 हजार करोड का रेवेन्यू
कोका कोला हर साल करोड़ों रुपए सिर्फ अपने एड पर खर्च करती है
2017 — 32 हजार करोड
2018 — 33.6 हजार करोड
2019 – 34 हजार करोड
2020 – 22 हजार करोड
2021 – 33 हजार करोड
Coca-Cola success story in hindi ,की कहानी यह साबित करती है कि अगर सोच बड़ी हो, मेहनत सच्ची हो और ब्रांडिंग सही हो – तो कोई भी छोटाआइडिया पूरी दुनिया में छा सकता है। https://en.wikipedia.org/wiki/Coca-Cola
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