microsoft success story in hindi : – बिलगेट्स की कहानी

Microsoft success story in hindi , क्याआप जानते है कि दुनिया की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसोफ्ट की शुरुआत कैसे हुई।
माइक्रोसॉफ्ट सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी है जिनके फाउंडर ने हमेशा दूर की सोची, जब लोग टाइप राइटर पर लिख रहे थे । तब उन्होंने उनके लिए MS -DOS नाम का कंप्यूटर सिस्टम बना दिया ।आज माइक्रोसॉफ्ट कंप्यूटर सॉफ्टवेयर की दुनिया का बादशाह है।
Safltakikahani में आज हम बात करेंगे बिलगेट्स एव उनकी कंपनी माइक्रोसोफ्ट के बारे में जिसने कंप्यूटर को हर आम आदमी तक पहुंचाया…
बिलगेट्स :-
Microsoft success story in hindi ,बिलगेट्स का जन्म 1955 में सिएटल (अमेरिका) में हुआ था । उनके पिता एक नामी वकील थे । उनकी मां सामाजिक कामों में लगी रहती थी। बिलगेट्स अपनी किताब “सोर्स कोड ” में लिखते है कि उन्हें अपने माता – पिता से हमेशा सपोर्ट मिला । उनके माता पिता ने उन्हें भावनात्मक रूप से बढ़ने की आजादी दी थी ।
वो बताते है कि यह सुनकर ऐसा लगता है कि मैं बहुत खुश किस्मत था। की मुझे ऐसे माता पिता मिले जो मुझे हमेशा समझने की कोशिश करते थे । लेकिन मेरा बचपन इतना आसान नहीं था।
बिलगेट्स की शिक्षा :
बिलगेट्स को उनके पिता ने लेकसाइड स्कूल में भेजा । जो एक प्राइवेट स्कूल था । ये स्कूल उनकी जिंदगी का टर्निंग प्वाइंट था । 1960 के दशक में जब कंप्यूटर आम नहीं थे । उस वक्त इस स्कूल में एक टेलीटाइप टर्मिनल और जनरल इलेक्ट्रिक का टाइप शेयरिंग कंप्यूटर था । गेट्स और उनके दोस्त पोल एलेन ने यही से प्रोग्रामिंग शुरू की । गेट्स और उनके दोस्त सिएटल की कंपनियों के लिए सोफ्टवेयर लिखने लगे । स्कूल ने उन्हें यह मौका दिया जो शायद इस वक्त बहुत कम बच्चों को मिलता था । 
बिलगेट्स और उनके दोस्त –
वे अपनी किताब में पोल एलन ओर खुद के बारे में लिखते है । कि हम दोनों ने मिलकर कंप्यूटर की दुनिया में कदम रखा । गेट्स कहते ही की एक दिन पॉल एलन उनके पास आए और MITS के नए माइक्रो कंप्यूटर की बात की । ये खबर उनके लिए बिजली की तरह थी । दोनों ने हावर्ड के कंप्यूटर और बेसिक प्रोग्रामिंग भाषा का इंटरप्रेटर लिखा । उनका प्रोजेक्ट कामयाब रहा और यही से माइक्रोसोफ्ट का सपना शुरू हुआ । बिल गेट्स उनके एक दोस्त कैंट इवांस के बारे में भी लिखते है कि अगर वो जिंदा होते तो शायद आज माइक्रोसोफ्ट के तीसरे को फाउंडर होते । https://en.wikipedia.org/wiki/Microsoft
बेलगेट्स की मेहनत और जुनून :
बिलगेट्स की मेहनत की कोई सीमा नहीं थी । वो रात रात भर कोडिंग करते थे । हावर्ड में हो 36 घंटे तक जागते थे,ताकि पढ़ाई ओर प्रोग्रामिंग दोनों कर सके । वो लिखते है कि ये अजीब लगता है,लेकिन यही उनकी ताकत थी । माइक्रोसॉफ्ट शुरू करने के बाद भी उनकी मेहनत जारी रही । उन्होंने पॉल एलन के साथ कंपनी के शेयर 64 और 36 में बाटे, क्योंकि उन्हें लगता था कि वो पोल से ज्यादा मेहनत कर रहे है । बाद में उन्हें अफसोस भी हुआ।
बिलगेट्स हमेशा कुछ नया सीखना चाहते थे । वे मानते थे कि अगर आप सच में स्मार्ट है तो कम मेहनत में अच्छे नंबर ला सकते है। लेकिन वे खुद बहुत पढ़ते थे ।
तो चलिए अब जानते है कि छोटे से लड़के ने माइक्रोसॉफ्ट की शुरुआत कैसे ओर कब की, ओर दुनिया का सबसे युवा अरबपति कैसे बना ।
माइक्रोसॉफ्ट की शुरुआत –
Microsoft success story in hindi , बिलगेट्स ने अपने बचपन के दोस्त पोल एलेन के साथ मिलकर के 4 अप्रैल 1975 को अमेरिका में इसकी नाम रखी गई । माइक्रोप्रोसेसर एवं सॉफ्टवेयर के शुरुआती शब्दों को जोड़कर इसका नाम माइक्रोसॉफ्ट रखा। शुरुआत में कंपनी ने कंप्यूटर एल्टेयर 8800 के लिए सॉफ्टवेयर बनाएं । लगभग 3 सालों में 1978 के अंदर तक कंपनी की सेल्स 10 लाख डॉलर से अधिक पहुंचगई।
माइक्रोसॉफ्ट का सफर –
माइक्रोसॉफ्ट की असली सफलता की कहानी 1980 से शुरू हुई थी । 1979 में माइक्रोसॉफ्ट न्यू मेक्सिको से वॉशिंगटन स्टेट में शिफ्ट हुई ।यही से कंपनी को मल्टीनेशनल टेक्नोलॉजी कॉरपोरेशन के तौर पर पहचान मिली । ,इसी साल कंपनी में अपना MS-DOS यानी डिस्क ऑपरेटिंग सिस्टम लॉन्च किया ।
1981 में आईबीएम पर्सनल कंप्यूटर के लिए लाइसेंस लिया और 1981 में माइक्रोसॉफ्ट दुनिया की सबसे बड़ी पर्सनल कंप्यूटर सॉफ्टवेयर कंपनी बन गई।
बिलगेट्स बने दुनिया के सबसे अरबपति युवा –
Microsoft success story in hindi, साल 1985 में माइक्रोसॉफ्ट में नया ऑपरेटिंग सिस्टम लॉन्च किया जिसे विंडो नाम दिया। यह एक ग्राफिकल इंटरफेस था जिसमें कहीं नए फीचर भी शामिल थे। इसके बाद 1987 में माइक्रोसॉफ्ट ने शेयर बाजार में एंट्री ली इसी कारण विंडो की सफलता ने उस वक्त 31 साल की उम्र में बिल गेट्स को दुनिया का सबसे अरबपतियों बना दिया ।
विंडोज 95 लॉन्च करने के बाद ही बिलगेट्स ने दुनिया को हमेशा के लिए बदल दिया । विंडोज के आने के 10 साल बाद दुनिया तेजी से टैक की तरफ बड़ी ।1995 में पर्सनल कंप्यूटर हाथों में इस्तेमाल होने लगा था। इसी मौके को देखते हुए माइक्रोसॉफ्ट ने विंडोज 95 लॉन्च किया। इसी के साथ हाइटेक जगत में एक तूफान सा आ गया । इसकी केवल 5 हफ्ते में ही 7 मिलियन कॉपी बिक गई थी।
एपल कंपनी को भी दिवालिया होने से बचाया
Microsoft success story in hindi , एप्पल कंपनी की शुरुआत माइक्रोसॉफ्ट के 1 साल बाद 1976 में हुई । मगर एप्पल 1997 की शुरुआत में ही दिवालिया होने की कगार पर थी । तब माइक्रोसॉफ्ट ने ही 15 करोड डॉलर का निवेश किया और कंपनी को डूबने से बचाया। माइक्रोसॉफ्ट ने 2022 में सबसे बड़ा टेकओवर किया।
कंपनी ने ‘ कॉल आफ ड्यूटी” गेम बनाने वाली एक्टिबिजन बिल्जार्ड को 687 बिलियन डॉलर में खरीद लिया । जो एक गेमिंग हिस्ट्री के इतिहास का सबसे बड़ा सौदा था ।
2023 में Chat Gpt को भी अपने क्लाउड बेस्ड सर्विस में जोड़ा ।आज माइक्रोसॉफ्ट कंपनी दुनिया के 195 देशों के कारोबार कर रही है।
कंपनी का रेवेन्यू 1.42 लाख करोड़ है ,इसमें लगभग 3 .8लाख लोग काम करते हैHaldiram success story in hindi : 12000 करोड़ का रेवेन्यू
Microsoft success story in hindi ,माइक्रोसॉफ्ट सिर्फ एक कंपनी नहीं,बल्कि एक सोच है — कि हर इंसान तकनीक से जुड़ सके। बिल गेट्स ने साबित किया कि अगर आइडिया बड़ा हो,तो शुरुआत छोटी होने से कोई फर्क नहीं पड़ता।
ऐसी ही प्रेरणादायक कहानियों के लिए SafaltakiKahani.com से जुड़े रहे । thanks…
1 thought on “microsoft success story in hindi : – बिलगेट्स की कहानी ”