Nestle Success Story in Hindi : 1886 नेस्ले की सफलता की कहानी ।
Nestle Success Story in Hindi: जानिए कैसे नेस्ले ने इंस्टेंट कॉफी, मैगी और चॉकलेट से दुनिया की सबसे बड़ी फूड कंपनी बनने का सफर तय किया ।

SafltaKiKahani में आज हम बात करेंगे दुनिया को मैगी और इंस्टेंट काफी देने बाली नेस्ले कंपनी के बारे में ।
Nestle Success Story in Hindi – मैगी और इंस्टेंट कॉफी देने वाली दुनिया की सबसे बड़ी फूड कंपनी।

मैगी, नेस्कैफे, किटकैट और मिल्क बार जैसे ब्रांड हर घर की पहचान बन चुके हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं , कि इस कंपनी की शुरुआत एक समस्या के समाधान से हुई थी।
नेस्ले की शुरुआत –
नेस्ले की शुरुआत 1886 में एक फार्मासिस्ट हेनरी नेस्ले (Henri Nestlé) ने स्विट्ज़रलैंड में की थी। उस समय सबसे बड़ी समस्या थी कि वे महिलाएं जो अपने बच्चों को ब्रेस्टफीड नहीं करा पाती थीं।। इस समस्या को हल करने के लिए हेनरी नेस्ले ने ,गाय के दूध, गेहूं और चीनी से बना एक न्यूट्रिशन प्रोडक्ट तैयार किया। यह प्रोडक्ट बच्चों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हुआ और बहुत कम समय में लोकप्रिय हो गया। यहीं से नेस्ले को पहली बड़ी सफलता मिली।
एंग्लो स्विस कंपनी से मुकाबला
इसी समय एंग्लो स्विस कंपनी मार्केट में आई जिसकी स्थापना 3 अमेरिकी भाइयों ने स्विट्जरलैंड में की थी । कई सालों तक इनमें मुकाबला चला । लेकिन बाद में 1905 में दोनों कंपनियों का आपस में विलय हो गया , ओर इस तरह से शुरुआत हुई दुनिया की सबसे बड़ी फूड एंड बेवरेज कंपनी नेस्ले की ।
इंस्टेंट कॉफी की खोज –
एक समस्या को सुधरने के लिए इंस्टेंट काफी की खोज हुई । 1929 में दुनिया भर में कॉफी की कीमतों में भारी गिरावट आई।https://safltakikahani.com/jonsan-end-jonsan-success-story
उस समय नेस्ले के चेयरमैन लुई डैप्लेस (Louis Dapples) थे उन्होंने काफी को रिसर्ब करने का तरीका खोजा । इस तरीके को खोजने में उन्हें 4 साल लगे लेकिन नेस्ले, केमिस्टों की मदद से काफी को एक पाउडर में बदलने का फार्मूला लेकर आया । इस फार्मूला को फिर से हाइड्रेटेड किया जा सकता था ।
1938 में इसे नैस्केफे (nescefe) के नाम से लॉन्च किया गया हो देखते ही देखते 1940 तक 29 देशों में पहुंच गया ।
वर्ल्ड वॉर के दौरान नैस्केफे तरक्की की सीडी चढ़ा ।
नेस्ले ने अपना बिजनेस बढ़ाने के लिए 1900 में अमेरिका में अपना पहला कारखाना खोला। वर्ल्ड वार 1 के दौरान कंपनी को दूध एवं चॉकलेट के लिए सरकारी कॉन्ट्रैक्ट मिले । जिससे दुनियाभर में नेस्ले के पास 40 से ज्यादा कारखाने हो गए ।ओर देखते ही देखते नेस्ले एक मल्टीनेशनल कंपनी बन गई
नेस्ले ने दी दुनिया को पहली मिल्क चॉकलेट
Nestle success story in hindi, अगर आपको मिल्क चॉकलेट पसंद है, तो यह जानकर हैरानी होगी कि 1887 में ही मिल्क चॉकलेट की रेसिपी बन चुकी थी। ये रेसिपी किशोर ने नहीं बल्कि नेस्ले के दोस्त पीटर ने बनाई थी । 1901 तक मिल्क चॉकलेट की इतनी ज्यादा मांग थी कि पीटर अपने दम पर इसे नहीं बेक प रहा था । इसलिए पीटर और नेस्ले दोनों इस बात से सहमत हुए कि दोनों मिलकर चॉकलेट का प्रोडक्शन करेंगे । इसलिए पहली मिल्क चॉकलेट का नाम ‘ नेस्ले चॉकलेट ‘ रखा।
आगे चलकर इसी फार्मूले पर किट – कैट ओर मिल्क बार जैसे ब्रांड बने ।
भारत में नेस्ले ने ही मैगी को हर घर तक पहुंचाया
नेस्ले ही वो कंपनी है जिसने 1984 में भारत में मैगी लॉन्च की। तब से लेकर आज तक मैगी नेस्ले का सबसे फेमस ब्रांड बनी हुई है ।
नेस्ले करीब हर साल भारत में 100 करोड़ ₹ विज्ञापन पर खर्च करती है।
जिसमें मैगी की हिस्सेदारी सभी जायदा है। 80 के दशक में नेस्ले ने पहली बार मैगी कॉन्लोंच किया तो यह उन शहरी लोगों के लिए अच्छा विकल्प था, जिनके पास खाने और बनाने का जायदा समय नहीं होता था । धीरे धीरे खाने की आदत भी उसी अनुपात में बदल रही थी।
https://en.wikipedia.org/wiki/Nestl%C3%A9
इस तरह धीरे धीरे 2 मिनट में तैयार होने वाली मैगी हर किचिन की जरूरत बनने लगी आज मैगी भारत के लगभग हर घर में मौजूद है।
फूड ब्रांड के साथ-साथ ब्यूटी ब्रांड की भी मालिक
बहुत कम लोग जानते हैं कि नेस्ले सिर्फ फूड कंपनी नहीं है। यह नैस्केफे और फूड ब्रांड के साथ ब्यूटी ब्रांड लोरियल के सभी बड़े शेयर धारकों में से एक है । इसके पास 20% से ज्यादा हिस्सेदारी है। बही लोरियल के पास maybelline (मैबलिन) ,ओर गार्नियर(Garnier) जैसे ब्रांड मौजूद है ।
Nestle success story in hindi , हमे सिखाती है कि समस्या को अवसर बनाओ और अपनी क्वालिटी के साथ समझौता मत कर।
निष्कर्ष
Nestle Success Story in Hindi यह साबित करती है कि
एक छोटा सा आइडिया भी पूरी दुनिया बदल सकता है।
आज नेस्ले सिर्फ एक कंपनी नहीं, बल्कि हर किचन का हिस्सा बनी हुई है। thanks…
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